Covid-19: दिल्ली में लॉकडाउन लगने के एक दिन बाद JNU ने भी जारी किए दिशा-निर्देश, ये रहे नियम

परिसर में भीड़ एकत्रित करने, सम्मेलन करने, स्टेडियम या सड़कों पर सैर आदि करने पर रोक होगी. (फाइल फोटो)

परिसर में भीड़ एकत्रित करने, सम्मेलन करने, स्टेडियम या सड़कों पर सैर आदि करने पर रोक होगी. (फाइल फोटो)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने राजधानी में गत सोमवार रात 10 बजे से 26 अप्रैल को सुबह पांच बजे तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Corona virus) का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए दिल्ली में लगाए गए एक हफ्ते के लॉकडाउन (Lockdown) के मद्देनजर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने सख्त दिशा-निर्देश जारी कर, परिसर में कई तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं. दिल्ली सरकार ने राजधानी में गत सोमवार रात 10 बजे से 26 अप्रैल को सुबह पांच बजे तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है. इसके मद्देनजर ही जेएनयू परिसर में नई पाबंदियों का ऐलान किया गया है.

जेएनयू ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि सभी ढाबों और खानपान स्थलों पर ग्राहकों का प्रवेश निषिद्ध रहेगा. हालांकि, खाद्य पदार्थ घर पहुंचाने की सेवा चलती रहेगी. आदेश के मुताबिक, परिसर में फेरीवालों और ‘‘घरेलू सेवक, चालक, माली और कार साफ करने वालों’’ की आवाजाही पर पाबंदी होगी. विश्वविद्यालय ने इसमें कहा, ‘‘आवासीय क्षेत्र अथवा छात्रावास परिसर के भीतर, किसी अन्य घर या हॉस्टल में जाने पर सख्ती से पाबंदी होगी. कर्फ्यू के दौरान परिसर में आवाजाही पर भी सख्त पाबंदी होगी.’’

आपूर्ति की इजाजत दी गई है

इसके मुताबिक, परिसर में भीड़ एकत्रित करने, सम्मेलन करने, स्टेडियम या सड़कों पर सैर आदि करने पर रोक होगी. सोमवार को विश्वविद्यालय ने लॉकडाउन के दौरान केंद्रीय पुस्तकालय को बंद रखने की घोषणा की थी. हालांकि, आपातकाल एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों, चिकित्सा आपात स्थिति तथा आवश्यक सामान की आपूर्ति की इजाजत दी गई है.
दिल्‍ली में अब बस 42 बेड बचे हैं

वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि दिल्‍ली में कोरोना वायरस की बेकाबू रफ्तार से हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं. इस बीच दिल्‍ली में कोरोना बेड्स के साथ आईसीयू बेड की हो रही कमी ने अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ आम जनता की टेंशन बढ़ा दी है. दिल्ली सरकार की वेबसाइट के मुताबिक, मंगलवार सुबह 10 बजे शहर में 19604 कोविड बेड्स में से 3186 ही खाली बचे हैं. जबकि 16418 पर मरीजों का इलाज हो रहा है. यही नहीं, दिल्‍ली में आईसीयू बेड्स की बढ़ती समस्‍या ने हालत खराब कर दी है. दिल्‍ली में 4437 आईसीयू बेड हैं, जिसमें से 4395 पर मरीज हैं. साफ है कि दिल्‍ली में अब बस 42 बेड बचे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज