मानसून में पीक पर होगा कोरोना? जानिए, क्या है IMA और AIIMS की थ्योरी
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मानसून में पीक पर होगा कोरोना? जानिए, क्या है IMA और AIIMS की थ्योरी
कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

COVID-19 Update: आईआईटी भुवनेश्वर (IIT Bhubaneswar) और एम्स (AIIMS) की एक स्टडी के मुताबिक आने वाले मानसून और ठंड में कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होगी. इनका मानना है कि अभी कोरोना संक्रमण के मामलों का पीक आना बाकी है.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) से पूरा देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व परेशान है. सभी जल्द ही इस बीमारी से निजात पाना चाहते हैं. आईआईटी भुवनेश्वर (IIT Bhubaneswar) और एम्स (AIIMS) की एक स्टडी के मुताबिक आने वाले मानसून और ठंड में कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होगी. इनका मानना है कि अभी कोरोना संक्रमण के मामलों का पीक आना बाकी है. स्टडी कहती है कि आने वाले मानसून में और ठंड में कोरोना के केस और ज्यादा बढ़ेंगे. लोगों को और ज्यादा प्रिकॉशन लेने की जरूरत है. जिस तरीके से अभी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं उससे माना जा रहा है कि ठंड और मानसून में दोगुनी रफ़्तार से केस बढ़ सकते हैं.

अभी फिलहाल भारत में लगभग 11 लाख केस के हैं जिसमें से कुल एक्टिव तीन लाख के लगभग हैं, बल्कि 700000 के लगभग मरीज कोरोना को मात देकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. हालांकि इस समय भारत में एक्टिव केस की संख्या रिकवर हुए केस से कम है.

आईएमए और एम्स की थ्योरी अलग
दूसरी तरफ़ कोरोना संक्रमण को लेकर आईएमए (IMA) की थ्योरी एम्स की स्टडी से विपरीत है. आईएमए का मानना है कि मौसम परिवर्तन के साथ इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. पहले भी यह कहा गया था कि जैसे गर्मी अपने चरम पर होगी कोविड-19 के केस की संख्या कम होगी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला. केस मौसम के अनुरूप नहीं बढ़ेंगे और ना ही कम होंगे. केस जिस रफ्तार में बढ़ रहे हैं उसी रफ्तार में बढ़ेंगे. हमें जरूरत है सावधानी बरतने की. अगर हम सावधानी नहीं बरतते हैं तो इसकी चैन को तोड़ना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन हो जाएगा. जहां तक मानसून और ठंड में केस बढ़ने की बात कही जा रही है इसे आईएमए नहीं मानता.
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आईएमए के अनुसार अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे तो केस बढ़ेंगे, लेकिन मौसम परिवर्तन से कोविड-19 के केसों की बढ़ने और घटने की संख्या का कोई लेना देना नहीं है. साथ ही अगर कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करना है तो हमें पहले से और ज्यादा प्रिकॉशंस लेना पड़ेगा क्योंकि अभी लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं. इसको तभी रोका जा सकता है जब लोग खुद नियमों का पालन करें. आईएमए का कहना है कि कोरोना को लेकर देश में स्थिति अच्छी नहीं, है लेकिन सरकार इस बात को पता नहीं क्यों मानने को तैयार नहीं है.
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