COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट में 30 जून तक नहीं होगी सुनवाई, VC से सिर्फ अर्जेंट हियरिंग

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अर्जेंट मामलों की सुनवाई होगी. (फाइल फोटो)
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अर्जेंट मामलों की सुनवाई होगी. (फाइल फोटो)

दिल्ली उच्च न्यायालय कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जरूरी मामलों की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी.

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दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High court) ने 30 जून तक अपने सारे कामकाज को स्थगित कर दिया है. हाईकोर्ट के अधीनस्थ न्यायालयों में इस दौरान कोर्ट नहीं लगेगा. वहीं तमामत जरूरी मामलों के लिए हाईकोर्ट ने एक विशेष व्यवस्था की है. हाईकोर्ट का कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जरूरी मामलों की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी. माना जा रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर ये फैसला लिया गया है.

मालूम हो कि दिल्ली में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों पर चर्चा के लिए रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक करेंगे. यह बैठक दिल्ली में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर बुलाई गई है. शनिवार को अमित शाह के कार्यालय की तरफ से ट्वीट किया गया, 'गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन दिल्ली में कोरोना के संदर्भ में स्थिति की समीक्षा के लिये दिल्ली के उप-राज्यपाल, मुख्यमंत्री और एसडीएमए के सदस्यों के साथ रविवार 14 जून की सुबह 11 बजे बैठक करेंगे. इस दौरान मीटिंग में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.'






हाईकोर्ट ने दिया था सख्त निर्देश

मालूम हो कि दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर और अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाएं. हालांकि इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई थी, लेकिन शनिवार को जजमेंट अपलोड हुआ. सुनवाई के समय दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि राजधानी दिल्ली में 9179 बेड अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए हैं. इनमें से 4914 बेड का इस्तेमाल फिलहाल हो रहा है. बाकी बेड अस्पताल में खाली हैं. दिल्ली सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि 569 वेंटिलेटर दिल्ली में हैं. इनमें से 315 का इस्तेमाल किया जा रहा है.
इसी के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल की बेंच ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को अभी के सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि राजधानी दिल्ली में वेंटिलेटर और बेड बढ़ाए जाएं. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जितने भी कोविड के अस्पताल हैं राजधानी दिल्ली में, वे रियल टाइम पर अपने अस्पताल में कितने बेड उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी अपलोड करें. ताकि कोरोना के मरीज वहां पहुंच पाएं और उन्हें कोई दिक्कत न हो.

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