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COVID-19: दिल्ली में ऑपरेशन थियेटर को ICU में बदला, 500 वेंटिलेटर बढ़े

COVID-19: दिल्ली में ऑपरेशन थियेटर को ICU में बदला, 500 वेंटिलेटर बढ़े

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

कोविड-19 के मामलों में दिन पर दिन बढ़ रहे मामलों के चलते ऑपरेशन थियेटर (Operation Theater) को आईसीयू (ICU) में बदल डाला. इस कवायद से 500 वेंटिलेटर में बढ़ोतरी हो गई. 27 अप्रैल को दिल्ली में 293 लोग पॉजिटिव पाए गए.

    नई दिल्ली: कोविड-19 के मामलों में दिन पर दिन बढ़ रहे मामलों के चलते ऑपरेशन थियेटर (Operation Theater)  को आईसीयू (ICU) में बदल डाला. इस कवायद से 500 वेंटिलेटर में बढ़ोतरी हो गई. दिल्ली में पाँच सदस्यीय पैनल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को सलाह दी है कि सरकार एक दिन में औसतन 100 मामले की तैयारी रखें. अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान के अनुसार 27 अप्रैल को दिल्ली में 293 लोग पॉजिटिव पाए गए. वर्तमान समय में दिल्ली में 1,106 वेंटिलेटर हैं. सरकारी अस्पतालों में 306 और निजी हॉस्पिटल में 800 वेंटिलेटर हैं.

    वेंटिलेटर की संख्या में हुआ इजाफा

    आईसीयू में कोविड -19 के गम्भीर रोगियों के इलाज की क्षमता बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार अपने अस्पतालों के लिए लगभग 500 वेंटिलेटर खरीदने की कोशिश में लगी हुई है. लेकिन दिल्ली में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केसों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के आपरेशन थियेटर को आईसीयू में बदल दिया. इससे दिल्ली सरकार के पास वेंटिलेटर की संख्या में 500 की बढ़ोतरी हो गई. वेंटिलेटर एक ऐसे व्यक्ति को साँस लेने की क्रिया को आसान करता है, जिसके फेफड़े में दिक्कत महसूस हो रही हो. फेफड़े में दिक्कत होने के चलते कोविड-19 के मरीज की हालत गम्भीर होती जाती है. इन हालातों में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जाता है.

    अब दिल्ली में एक दिन में कोविड-19 के 500 मामले दर्ज किए जाने की संभावना है. दिल्ली में कोविद-19 के लिए समर्पित दो सबसे बड़े अस्पताल अपने ऑपरेशन थिएटरों को गहन आईसीयू में परिवर्तित करने और सभी बेड को ऑक्सीजन सप्लाई से भी जोड़ने जा रहे हैं.

    पैनल ने दिए ये सुझाव

    पांच सदस्यीय पैनल द्वारा सुझाए गए उपायों में से एक सुझाव यह है कि हमें 125 गहन देखभाल इकाई बेड का संचालन करना है और जैसा कि समिति ने सिफारिश की है कि ऑपरेशन थिएटरों में पहले से ही गैस पाइपलाइनें हैं, जिसे आईसीयू में परिवर्तित करना सबसे आसान हैं. हमारे प्रत्येक आपरेशन थिएटर में दो बेड होंगे. आपरेशन के बाद मरीजों की देखभाल करने वाले सर्जिकल ब्लॉक का क्षेत्र भी इस्तेमाल किया जाएगा. यह बात लोक नायक अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताई.

    दिल्ली में 18 आपरेशन थियेटर हैं

    अस्पताल में 18 ऑपरेशन थियेटर हैं, जिनमें से कुछ को कोविड-19 रोगियों पर सर्जरी के लिए आरक्षित रखने की संभावना है. अस्पताल में फिलहाल 64 आईसीयू बेड हैं. डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में अन्य 1,500 बिस्तरों में मरीजों को ऑक्सीजन सहायता प्रदान करने की सुविधा होगी जिनमें कैज़ुअल्टी वार्ड, नए मेडिकल ब्लॉक, स्त्री रोग ब्लॉक और बाल चिकित्सा ब्लॉक के भी कुछ हिस्से हैं. इसके साथ ही ऑपरेशन ब्लॉक में पहले से ही गैस पाइपलाइन हैं, इसलिए ऑक्सीजन थेरेपी एक समस्या नहीं होगी. आर्थोपेडिक ब्लॉक जैसे क्षेत्र जिनमें गैस पाइपलाइन नहीं है, में ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया जाएगा. 1,987 सक्रिय मामलों में से 42 मरीज कोविड-19 के हैं. वे नौ अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती हैं और इसके अलावा 11 मरीज वेंटिलेटर पर हैं.

    प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू करने वाला बना पहला संस्थान

    पैनल ने की अध्यक्ष एसके सरीन ने कहा कि हमें हर 1,000 मामलों के लिए 50 वेंटिलेटर की जरूरत होगी. हमारे पास अभी भी शहर में पर्याप्त वेंटिलेटर हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों के प्रसार को रोका नहीं सकता है, लेकिन हमें संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को कम करना होगा. डॉ. एसके सरीन इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलेरी साइंसेज की निदेशक हैं. उन्होंने ने कहा कि स्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलेरी साइंसेज कोविड—19 रोगियों के लिए प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू करने वाला शहर का पहला संस्थान है.

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    Tags: Coronavirus, Covid19, Delhi, ICU Bed

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