COVID-19: निजी अस्‍पतालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, फीस को लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग
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COVID-19: निजी अस्‍पतालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, फीस को लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग
फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर याचिका में निजी और कॉरपोरेट हॉस्पिटल्‍स (Private And Corporate Hospitals) में COVID-19 के इलाज की फीस तय करने की मांग की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 4:21 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के इलाज के नाम पर कई निजी अस्‍पताल (Private Hospital) मनमानी फीस वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं, मोटी रकम वसूलने के बावजूद हॉस्पिटल मरीजों की बेहतर देखभाल भी नहीं रहे हैं. यह शिकायत किसी खास शहर या राज्‍य की नहीं है, बल्कि पूरे देश में कोविड-19 के इलाज के नाम पर वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है.

मनमानी फीस वसूलने वाले निजी हॉस्पिटल्‍स पर लगाम कसने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में वकील सचिन जैन की तरफ से याचिका दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका में यह मांग की गई है कि निजी और कॉरपोरेट हॉस्पिटल्‍स (Private And Corporate Hospitals) में कोविड-19 (COVID-19) के उपचार के लिए एक निर्धारित शुल्क लेने का नियम बनाने का सुप्रीम कोर्ट निर्देश दें.

याचिका में दो अस्‍पतालों का जिक्र
याचिकाकर्ता सचिन जैन ने याचिका में कहा है कि राज्‍य सरकार द्वारा दरों पर कैप लागू किया गया है. वहीं, अस्‍पताल फार्मेसी सहित दूसरे तरीकों से मरीजों से भारी भरकम बिल वसूल रहे हैं. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दो अलग-अलग अस्पतालों का जिक्र किया है, जिन्होंने याचिकाकर्ता के परिवार से फार्मेसी बिल को लेकर भारी भरकम फीस वसूला है. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि भारत में वर्तमान में स्थिति खराब है और कोविड-19 के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं. बहुत देर होने से पहले हालात को काबू में करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर नियम बनाना जरूरी है. 


याचिका में प्रमुख तौर पर इन बिंदुओं का उल्‍लेख
यदि बेड की उपलब्‍धता न होने चलते हॉस्पिटल मरीज को भर्ती करने से इंकार कर रहा है तो अस्‍पताल प्रशासन को यह लिखित रूप में देना होगा. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में यह भी मांग की है कि फार्मास्‍युटिकल उत्‍पाद, पीपीई किट, डॉक्‍टर विजिट के नाम पर मरीजों से अनावश्‍यक अधिभार न लिया जाए. य‍ाचिकाककर्ता ने चिकित्‍सीय उपकरणों के नाम पर मरीजों से वसूली जा रही भारी कीमत का भी उल्‍लेख अपनी याचिका में किया है.

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