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सत्येन्द्र जैन बोले- दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड रिजर्व रखने की लड़ाई रहेगी जारी

सत्येन्द्र जैन बोले- दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड रिजर्व रखने की लड़ाई रहेगी जारी

उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही मामलों में तेज वृद्धि का एक प्रमुख कारण है.  (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही मामलों में तेज वृद्धि का एक प्रमुख कारण है. (फाइल फोटो)

दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में COVID-19 मरीजों के इलाज के लिए ICU बेड रिज़र्व रखने के आदेश पर हाईकोर्ट (Delhi High Court) की रोक पर अदालत ने केंद्र सरकार से मांगा है जवाब.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन (Satyendra jain) ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड रिज़र्व रखने की लड़ाई को कोर्ट में जारी रखेगी. इसके लिए केजरीवाल सरकार अदालत में लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल, दिल्‍ली सरकार ने एक आदेश जारी कर प्राइवेट अस्‍पतालों (Private Hospitals) को ICU के 80 फीसद बेड कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों (Corona Patient) के लिए सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था. इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने दिल्ली सरकार के आादेश पर रोक लगा दी थी.

इसके बाद केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने हाईकोर्ट के फैसले को बड़ी पीठ के सामने चुनौती दी थी. इस मसले पर सोमवार को हाईकोर्ट की दो सदस्‍यीय पीठ ने सुनवाई की. कोर्ट ने एकल पीठ के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने दिल्‍ली सरकार के इस फैसले पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्‍टूबर को होगी.

हम कोर्ट में लड़ाई जारी रखेंगे
यही वजह है कि सत्येन्द्र जैन ने मंगलावर को कहा कि हम कोर्ट में लड़ाई जारी रखेंगे. हालांकि जब सत्येन्द्र जैन से इसके अलावा बाकी विकल्पों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में हमने आईसीयू बेड्स के इंतजाम किए हैं. लेकिन काफी बड़ी संख्या में जो लोग बाहर से आ रहे हैं, वे लोग संपन्न हैं. और वे प्राइवेट अस्पतालों में ही जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हमने 1000 बेड बढ़ाए हैं.

 दिल्ली सरकार पर सवाल उठ रहे हैं
वहीं, ICU बेड के साथ-साथ दिल्ली में RTPCR टेस्ट की जगह रैपिड टेस्ट ज़्यादा किये जाने पर भी दिल्ली सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. दरअसल, केन्द्र सरकार के मुताबिक़, दिल्ली में रोज़ाना 27 हज़ार RTPCR टेस्ट कराने की क्षमता है. जबकि मौजूदा समय में दिल्ली में क़रीबन 10000 ही RTPCR टेस्ट कराये जा रहे हैं. बाकी रैपिड टेस्ट कराये जाते हैं. इस पर सत्येन्द्र जैन ने कहा कि RTPCR टेस्ट काफी बढ़ गए हैं. इसमें क्षमता का कोई संबंध नहीं है, जितने भी लोग लक्षण वाले हैं, सबका RTPCR टेस्ट किया जाता है. वो चाहे कंटेनमेंट जोन में हों या अस्पताल में. उन्होंने कहा कि जहां भी रैपिड टेस्ट किया जाता है, उसमें जो भी लक्षण वाला होता है, उसका RTPCR टेस्ट भी होता है.

Tags: Aam aadmi party, Arvind kejriwal, Delhi, Satendra Jain

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