COVID-19: दिल्ली के अस्पतालों में बचा है 6-7 दिनों का ऑक्सीजन- सत्येंद्र जैन

दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक 6-7 दिनों का बचा है. (प्रतीकात्मक फोटो)
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक 6-7 दिनों का बचा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

Delhi COVID-19 Update: राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में कोरोना वायरस (Corona Infection) संक्रमण के इलाज के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Health Minister Satyendra Jain) ने दी जानकारी. पड़ोसी राज्यों से कम सप्लाई को बताया वजह.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 8:26 PM IST
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नई दिल्ली. देश के अलग-अलग राज्यों से आ रही ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन (Health Minister Satyendra Jain) ने कहा कि दिल्ली में फ़िलहाल ऑक्सीजन की कमी नहीं है. मौजूदा स्थिति की बात करें तो अभी हफ़्तेभर का स्टॉक अस्पतालों में बचा है. हालांकि जैन ने कहा कि पहले के मुक़ाबले थोड़ी समस्या जरूर है. सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली में ऑक्सीजन की सप्लाई यूपी और राजस्थान से ही होती है. राजस्थान में पिछले कुछ समय से ऑक्सीजन में काफ़ी कमी आई है, इसलिए ऑक्सीजन सप्लायर को कहा गया है कि पहले राज्य की ज़रूरत को पूरा करें उसके बाद बाक़ी राज्यों में सप्लाई करें.

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में 6 से 7 दिन तक के लिए ऑक्सीजन बचा है. लेकिन हमारा मानना है कि कम से कम 6 से 7 दिन का स्टॉक होना चाहिए, कुछ अस्पतालों में 7 दिन से भी कम है.

इससे पहले, आज दिल्ली हाई कोर्ट ने AAP सरकार के उस फ़ैसले पर रोक लगा दी जिसमें सरकार ने 33 बड़े प्राइवेट अस्‍पतालों के 80 फीसदी ICU बेड COVID-19 मरीजों के लिए रिजर्व रखने की घोषणा की थी. हाईकोर्ट ने निजी हॉस्पिटलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का आदेश अनुचित एवं नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. कोर्ट के इस फ़ैसले को सरकार ने चुनौती देने का फैसला किया है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि हाईकोर्ट की डबल बेंच में आज ही अपील लगा रहे हैं.




आपको बता दें कि दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच कई प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड की कमी हो गई है. इससे न सिर्फ अस्पताल, बल्कि सरकार भी परेशान है. यही वजह है कि दिल्ली सरकार ने अस्पतालों में ज़्यादा से ज़्यादा बेड रिजर्व करने का आदेश जारी किया था. लेकिन इस फैसले पर कोर्ट की रोक ने सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है.
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