Covid-19 Update: दिल्ली में कोरोना के 7802 मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या 4.74 लाख के पार

गुरुवार को देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7053 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया था. (सांकेतिक फोटो)
गुरुवार को देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7053 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया था. (सांकेतिक फोटो)

दिल्ली में लोगों के कोरोना वायरस (Corona virus) से संक्रमित होने की दर 13.80 प्रतिशत है. बुलेटिन के अनुसार, कल की गई जांच में से 36,643 त्वरित एंटीजन और 19,910 आरटी-पीसीआर जांच हैं.

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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 (COVID-19) के 7,802 नए मामले आने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में महामारी से पीड़ित हुए लोगों की संख्या शुक्रवार को 4.74 लाख के आंकड़े को पार कर गई. वहीं, 91 और लोगों की मौत होने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7,423 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, कल की गई 56,553 नमूनों की जांच में से संक्रमण के ये नए मामले आए हैं. त्योहारी सीजन में दिल्ली में लोगों के कोरोना वायरस (Corona virus) से संक्रमित होने की दर 13.80 प्रतिशत है. बुलेटिन के अनुसार, कल की गई जांच में से 36,643 त्वरित एंटीजन और 19,910 आरटी-पीसीआर जांच हैं.

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7053 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया था. तब इसके साथ दिल्‍ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4.67 लाख से अधिक हो गई थी. इसके अलावा पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण की वजह से 104 मरीजों की मौत हुई थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को लगाई फटकार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मौजूदा स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई है. इस बीच दिल्ली के 33 प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी आईसीयू बेड कोरोना वायरस मरीजों के लिए रिजर्व करने का बड़ा आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने दे दिया है. दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कोरोना संक्रमण के रोगियों के लिए निजी अस्पतालों के 80 फीसदी आईसीयू (ICU) बेड आरक्षित करने के दिल्ली सरकार के निर्णय पर अंतरिम रोक के एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश को हटा दिया.
उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए


यही नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. हाल में सीरो सर्वे रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा है कि रिपोर्ट देखने से लगता है कि दिल्ली में हर चार में से एक शख्स कोरोना से संक्रमित है और हर घर में कोई न कोई कोरोना महामारी की चपेट में आ चुका है. दिल्ली में कोरोना ने इतना भयानक रूप ले लिया है इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने अभी तक कोई उचित कदम क्यों नहीं उठाया है. कोरोना पर दी गई ढील पर अब तक रोक क्यों नहीं लगाई गई है.
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