दिल्‍ली में Corona से निपटने का 'मास्‍टर प्‍लान' तैयार, केंद्र ने केजरीवाल सरकार को दिए ये निर्देश
Delhi-Ncr News in Hindi

दिल्‍ली में Corona से निपटने का 'मास्‍टर प्‍लान' तैयार, केंद्र ने केजरीवाल सरकार को दिए ये निर्देश
दिल्ली में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं.

Fight Against COVID-19: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल कमेटी की रिपोर्ट पर दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 22, 2020, 10:23 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में कोविड-19 (Covid-19) के नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. केंद्र ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) से कहा है कि सभी कंटेनमेंट जोन का नए सिरे से निर्धारण किया जाए. इसमें सभी घरों को शामिल किया जाए. इसके अलावा 20,000 से अधिक दिल्लीवासियों का एक सेरोलॉजिकल सर्वे किया जाए. इसके अलावा दिल्ली के हर जिले को एक बड़े हॉस्पिटल से जोड़ा जाए. नॉर्थ ब्लॉक में रविवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और एलजी अनिल बैजल के अलावा देश के गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. इस दौरान गृह मंत्री शाह ने दिल्ली सरकार को कोरोना से होने वाली हर मौत की विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए. इसमें अन्य विवरण के अलावा पेशेंट को हॉस्पिटल में कब भर्ती कराया गया और कहां से लाया गया जैसी जानकारियां भी देनी होंगी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ये निर्देश नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल के नेतृत्व में बनी कमिटी के दिए रिपोर्ट के आधार पर किया गया है. यह रिपोर्ट नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक के दौरान प्रस्तुत किया गया था.

दिल्ली सरकार रखे ये जानकारी
इस संबंध में गृह मंत्रालय के द्वारा जारी बयान के अनुसार, गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बारे में जानकारी रखे. मरीज कब हॉस्पिटल पहुंचा और कैसे? इस दौरान मृतक अपने घर पर आईसोलेशन में था कि नहीं और महत्वपूर्ण जानकारी ये भी रखनी होगी कि क्या ये मरीज हॉस्पिटल में टाइम पर पहुंचा या नहीं.
अगर होम आईसोलेशन में रखना है तो...


इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार, गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया कि सभी पॉजिटिव केस सबसे पहले कोविड सेंटर में जाए और जिन्हें बहुत ज्यादा समस्या नहीं हो तो उन मरीजों को केवल होम आईसोलेशन में रहने की अनुमति दी जाए. खबर के अनुसार, इसमें सबसे समिति द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं में राज्य में 242 नियंत्रण क्षेत्रों का परिसीमन शामिल है. इन क्षेत्रों में और उनके भीतर की गतिविधियों पर सख्ती करने की भी सिफारिश की गई है.

ये भी पढ़ें:  कोरोना में ऑक्सीजन की कमी से बढ़ता है मौत का खतरा, घर बैठे ऐसे कर सकते हैं कम

20 हजार लोगों का कराना होगा कोरोना टेस्ट
इसके अलावा जानकारी दी गई है कि सेरोलॉजिकल सर्वे दिल्ली में 27 जून से 7 जुलाई तक होगा. इस दौरान बीस हजार लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा. यह सर्वे दिल्ली में संक्रमण के प्रसार के मूल्यांकन और भविष्य की योजना बनाने में मदद करेगा. सेरोलॉजिकल सर्वे का प्रयोग जनसंख्या में किसी बीमारी के प्रसार को जानने के लिए किया जाता है. इन सिफारिशों में अरोग्या सेतु और इतिहास एप्लिकेशन के उपयोग के साथ संक्रमित व्यक्तियों के सभी संपर्कों का पता लगाने (कॉनटेक्ट ट्रेसिंग) और क्वारंटाइन करना शामिल है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज