Delhi COVID-19 Update: दिल्ली में 47 लाख लोग Corona की जद में, लेकिन नहीं दिखे लक्षण- सीरो सर्वे
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Delhi COVID-19 Update: दिल्ली में 47 लाख लोग Corona की जद में, लेकिन नहीं दिखे लक्षण- सीरो सर्वे
केंद्र ने आज दिल्ली के सीरो सर्वे का रिजल्ट जारी किया.

Delhi COVID-19 Update: राष्ट्रीय राजधानी में 27 जून से 10 जुलाई तक चले सीरो सर्वे में 21,387 सैम्पल लिए गए थे, जिनके अध्ययन से पता चला कि ज्यादातर लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं थे.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण की खबरों के बीच आज केंद्र सरकार ने दिल्ली में कराए गए सीरो सर्वे (Sero survey) का रिजल्ट जारी किया. इस सर्वेक्षण से मिले नतीजों से पता चला है कि दिल्ली में पिछले 6 महीनों के दौरान 23.48 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित (corona cases) हुए. हालांकि इन लोगों में वायरस के संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे. 27 जून से 10 जुलाई तक चले सीरो सर्वे में 21,387 सैम्पल लिए गए थे, जिनके अध्ययन से पता चला कि ज्यादातर लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं थे. विशेषज्ञों के मुताबिक सीरो सर्वे सुझा रहा है कि अगर दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है, तो यहां करीब 47 लाख लोग कोरोना वायरस के संपर्क में आए हुए हो सकते हैं. लेकिन इनमें से ज्यादातर लोगों में इसके संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए सीरो-सर्वे कराया था. दिल्ली के सभी 11 जिलों में यह सर्वे कराया गया है. 27 जून से 10 जुलाई के बीच हुए सर्वे के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने लोगों के घर-घर जाकर ब्लड सैंपल कलेक्ट किया. इन सभी सैंपल्स का लैब में टेस्ट किया गय. जिसके बाद दिल्ली के 23.48 फीसदी लोगों में कोरोना एंटीबॉडी पाए जाने के नतीजे सामने आए. सर्वे से प्राप्त नतीजों के अध्ययन से यह भी बात सामने आई कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हुए जो एसिम्पटमैटिक थे यानी इनमें बीमारी के लक्षण कम थे.





कोरोना वायरस के संक्रमण के 6 महीनों के दौरान 23 प्रतिशत लोगों के इस महामारी से प्रभावित होने के पीछे राजधानी की घनी आबादी को कारण बताया जा रहा है. साथ ही अध्ययन में यह भी बताया गया है कि सरकार के सार्थक प्रयासों के कारण संक्रमण की रोकथाम में मदद मिली. लॉकडाउन या अन्य प्रयासों की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को बीमारी की जद में आने से बचाया जा सका. हालांकि अध्ययन में यह भी कहा गया है कि फेस-शील्ड, मास्क और रोकथाम के अन्य उपायों को अब भी जारी रखने की जरूरत है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
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