CM केजरीवाल का ऐलान- युद्धस्तर पर हो वैक्सीन प्रोडक्शन, 3 महीने में सभी दिल्ली वालों का करेंगे वैक्सीनेशन

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि  हमारा लक्ष्य आने वाले तीन महीने में सभी दिल्ली वालों को वैक्सीन लगाना है. ( फाइल फोटो)

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले तीन महीने में सभी दिल्ली वालों को वैक्सीन लगाना है. ( फाइल फोटो)

Covid-19 Vaccination: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind kejriwal) ने कहा है कि हम वैक्सीन की रोज सवा लाख डोज लगा रहे हैं. यह काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

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नई दिल्ली. देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में रोज कोरोना वायरस (Corona virus) के हजारों मरीज सामने आ रहे हैं. साथ ही सैकड़ों मरीज (Patient) की रोज मौतें भी हो रही हैं. वहीं, दिल्ली में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कोरोना वायरस का टीका भी युद्ध स्तर पर लगाया जा रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने कहा है कि हम वैक्सीन की रोज सवा लाख डोज लगा रहे हैं. हम जल्दी रोज 3 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू कर देंगे. हमारा लक्ष्य आने वाले तीन महीने में सभी दिल्ली वालों को वैक्सीन लगाना है, लेकिन वैक्सीन की कमी की समस्या आ रही है. इसलिए केंद्र से अनुरोध है कि वैक्सीन का प्रोडक्शन (Vaccine Production)युद्धस्तर पर शुरू करें.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के जिन स्कूलों में वैक्सीन लग रही है, वहां लोग खुश हैं. उनकी मानें तो दिल्ली में अब कुछ दिन की ही वैक्सीन बची है. ये समस्या देशव्यापी है.ऐसे तो पूरे देश में वैक्सीन की कमी है. पर कुछ राज्यों में वैक्सीनेशन का काम तो अभी शुरू भी नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि अभी दो कंपनियां ही वैक्सीन बना रही हैं. जबकि वैक्सीन का उत्पादन युद्ध स्तर पर किया जाना चाहिए. ऐसे में देश के हर नागरिक को वैक्सीन लगाने की राष्ट्रीय योजना बनाई जाए.

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हमारे पास सबसे बड़ी फार्मा कंपनियां हैं
केजरीवाल ने कहा कि मेरा एक सुझाव है. वैक्सीन सिर्फ दो कंपनिया ही न बनायें. और भी कई कंपनियां बनाये. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार उन कंपनियों को फॉर्मूला दे, जो सुरक्षित तरीक़े से वैक्सीन बना सके. ये सुनिश्चित किया जाए जो प्लांट सक्षम हैं, उसमें वैक्सीन बनायी जाए. सीएम केजरीवाल ने कहा कि पहली लहर में पीपीई किट की कितनी कमी थी. लेकिन अब हम बना रहे है. हमारे पास सबसे बड़ी फार्मा कंपनियां हैं, सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक हैं. हम वैक्सीन बना सकते हैं. रॉयल्टी के तौर पर एक अंश उन कंपनियों को दे सकते हैं, जिन्होंने मूल फॉर्मूला बनाया है.

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