Covid 19 से मरने वालों के परिजनों को मिलेंगे 50,000 रुपये, इस तरह कर सकते हैं वह अप्लाई?

दिल्ली सरकार सभी मृतकों के परिजनों को आर्थिक रूप से मदद देने के लिए मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना के नाम से योजना को लागू किया गया है.

COVID-19 Deaths in Delhi: कोविड-19 से होने वाली मृत्यु पर दिल्ली सरकार की ओर से परिवार को प्रत्येक मृत्यु पर एकमुश्त ₹50,000 की अनुग्रह राशि दिए जाने का प्रावधान भी किया है. इस संबंध में सरकार के राजस्व विभाग की ओर से एक प्रोफॉर्मा भी आवेदन के रूप में तैयार किया गया है. आवेदन करने के बाद ही मृत व्यक्ति के परिजनों को पात्रता के आधार पर यह अनुग्रह राशि सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से अब तक 24,948 लोगों की मौत (Death) हो चुकी है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने इन सभी मृतकों के परिजनों को आर्थिक रूप से मदद देने के लिए योजना भी लागू की है. दिल्ली सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना (Mukhyamantri Covid-19 Pariwar Aarthik Sahayata Yojana) के नाम से इस योजना को लागू किया गया है.

    योजना के अंतर्गत कोविड-19 महामारी फैलने के कारण परिवार के आजीविका कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिवार के जीवित सदस्यों को सहायता प्रदान की जाएगी. इस योजना को दिल्ली के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) की ओर से मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव व निदेशक डॉ. रश्मि सिंह की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है.

    समाज कल्याण (Social Welfare) विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक कोविड-19 (COVID-19) के कारण परिवार के सदस्य की मृत्यु के मामले में तत्काल वित्तीय राहत प्रदान की जाएगी. इतना ही नहीं, सरकार की ओर से आजीविका कमाने वाले की मृत्यु से प्रभावित परिवारों को निरंतर वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी.

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    पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सिविल डिफेंस वालंटियर के रूप में नामांकित
    दिल्ली सरकार की ओर से प्रभावित पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक (Civil Defence Volunteer) के रूप में नामांकित करने पर भी विचार किया जाएगा. वहीं, राज्य सरकार (State Government) की ओर से मौजूदा नीति के मुताबिक मृतक के आश्रित बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी हुई जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा.

    मृतक के परिजनों को दी जाएगी ₹50000 की अनुग्रह राशि
    इसके अलावा कोविड-19 होने वाली मृत्यु पर सरकार की ओर से परिवार को प्रत्येक मृत्यु पर एकमुश्त ₹50,000 की अनुग्रह राशि दिए जाने का प्रावधान भी किया है. इस संबंध में दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की ओर से एक प्रोफॉर्मा भी आवेदन के रूप में तैयार किया गया है. इसके तहत आवेदन करने के बाद ही मृत व्यक्ति के परिजनों को पात्रता के आधार पर यह अनुग्रह राशि सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी.

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    कामकाजी सदस्य पति/पत्नी की मृत्यु पर आजीवन मिलेंगे 2,500 रुपए
    अधिसूचना के मुताबिक कोविड-19 के कारण परिवार के कामकाजी सदस्य अगर पति की मृत्यु हुई है तो  योग्य आश्रित के रूप में पत्नी को सहायता राशि के रूप में आजीवन 2,500 रुपए दिए जाएंगे. वहीं,  अतिरिक्त पात्र होने पर पत्नी को विधवा पेंशन भी दी जाएगी. दूसरी ओर अगर पत्नी कामकाजी थी और मृत्यु हुई है तो आश्रित के रूप में पति इस योजना के लाभार्थी होंगे. जिनको आजीवन 2,500 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जाएगी.

    इसके अलावा एकल अभिभावक (अन्य अभिभावक) जिनकी कोविड-19 के कारण पहले ही मृत्यु हो चुकी है या फिर तलाक के कारण अलग रह रहे हैं, उनके 25 वर्ष के कम आयु के प्रत्येक बच्चे को 25 वर्ष की आयु होने तक 2,500 रुपए हर माह प्रदान किए जाएंगे. इस तरह के मामलों में सरकार ने यह भी फैसला किया है कि यदि अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 (COVID-19) के कारण तथा अन्य की मृत्यु पहले ही हो चुकी हो तो 25 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को वित्तीय सहायता के योग्य समझा जाएगा.

    पति व पत्नी दोनों की मृत्यु होने पर 2,500 रुपए बच्चों को हर माह मिलेंगे
    सरकार की ओर से इस योजना में यह भी फैसला किया गया है कि पति और पत्नी दोनों की मृत्यु हो चुकी हो (जहां दोनों में से एक की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई हो) तो उस स्थिति में 25 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे या पिता / माता को बच्चा ना होने की स्थिति में जीवन यापन के लिए पिता/माता के मामले में केवल एक को ही वित्तीय सहायता दी जाएगी. वहीं, 25 वर्ष की आयु होने तक प्रत्येक बच्चे को भी 2,500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे. वहीं, सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पात्र होने पर इसके अतिरिक्त माता और पिता को वृद्धावस्था पेंशन भी दी जाएगी.

    पुत्र या पुत्री की मृत्यु पर माता-पिता होंगे लाभार्थी
    अधिसूचना के मुताबिक अविवाहित काम करने वाला पुत्र या पुत्री की मृत्यु हो गई है तो उसके लिए पिता या माता इस योजना के पात्र लाभार्थी होंगे. जिनको सरकार की ओर से आजीवन  ₹2,500 प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे. पात्र होने पर इसके अतिरिक्त पिता या माता वृद्धावस्था पेंशन भी प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, भाई या बहन की मृत्यु होने की स्थिति में आश्रित भाई-बहन यदि वे शारीरिक अथवा मानसिक रूप से दिव्यांग हैं तो आजीवन ₹2,500 आजीवन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे. वहीं, शारीरिक अथवा मानसिक रूप से दिव्यांग भाई-बहन आजीविका कमाने वाले के साथ रह रहा हो और उस पर आश्रित ना हो.

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    योजना के लाभार्थी मृत/आश्रित दोनों का दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य
    आर्थिक सहायता योजना का लाभ लेने के लिए और कई मापदंड भी निर्धारित किए गए हैं. सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योजना के लाभार्थी मृतक और आश्रित दोनों ही दिल्ली के निवासी होंगे. वहीं, कोविड-19 के कारण होने वाली मृत्यु के संबंध में कोविड-19 प्रमाण पत्र (गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार) अथवा जांच में कोविड-19 पाए जाने पर 1 माह के भीतर मृत्यु होने पर तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 के रूप में सत्यापित होने पर ही इसके पात्र माने जाएंगे. लेकिन सरकार ने योजना का पात्र माने जाने वालों के लिए आय का कोई मानदंड निर्धारित नहीं किया है.

    इस स्थिति में भाई बहन नहीं होंगे योजना के लाभार्थी
    योजना के मुताबिक यदि आजीविका कमाने वाले मृतक की पति या पत्नी योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हों तो ऐसी स्थिति में विशेष आवश्यकताओं वाली श्रेणी में आने वाले भाई-बहन इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगे. यदि परिवार में केवल वयस्क बच्चे हैं तो आवेदक लाभार्थी पालक माता-पिता अभिभावक होंगे जिन्हें बाल कल्याण समिति की ओर से किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत फिट घोषित किया गया है. वित्तीय सहायता अव्यस्क बच्चे और पालक माता-पिता अभिभावक के नाम पर संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी.

    आवेदन के साथ यह दस्तावेज संलग्न करना होगा जरूरी
    -मृतक और आश्रय दोनों के निवास का प्रमाण-पत्र

    -मृत्यु प्रमाण पत्र को भीड़ से मृत्यु का प्रमाण-पत्र

    -मृतक और आवेदक के बीच संबंध स्थापित करने वाले दस्तावेज

    -आवेदक के बैंक खाते का विवरण

    -दिव्यांग आश्रित भाई-बहन के मामले में दिव्यांगत प्रमाण-पत्र

    -आश्रित बच्चों की आयु का प्रमाण-पत्र

    -ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल में यथा आवश्यक अन्य सभी जानकारियां/दस्तावेज.

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    100 अधिकारियों का एक पूल प्रतिनिधि के रूप में किया जाएगा तैयार, घर का करेंगे दौरा
    स्वास्थ्य विभाग कोविड से होने वाली मौतों की सूची/ डेटाबेस समाज कल्याण विभाग के साथ साझा करेगा जिन्हें बाद में मंडलीय आयुक्त, मुख्यालय (राजस्व विभाग) के माध्यम से क्षेत्र के एसडीएम को उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा. संबंधित एसडीएम की ओर से दिल्ली सरकार के 100 अधिकारियों का एक पूल भी प्रतिनिधि के रूप में बनाया जाएगा जो मृतक के घर का दौरा करके सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में तैयार करने का काम करेंगे.

    आवेदन खारिज होने पर डिविजनल कमिश्नर को कर सकते हैं अपील
    क्षेत्रीय एसडीएम फील्ड स्टाफ की ओर से रिपोर्ट जमा करने के 5 कार्य दिवसों के भीतर अपनी सिफारिश भेजेंगे. एसडीएम आवेदन की तारीख से कुल 12 दिनों की अवधि में मामले की सिफारिश या अस्वीकार कर सकते हैं. वित्तीय सहायता अनुरोध आवेदन को 15 दिनों की अधिकतम समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाना अनिवार्य होगा.

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    सरकार ने आवेदन की स्वीकृति के मामले में सुनवाई के लिए अपीलीय तंत्र भी स्थापित किया है. जिला मजिस्ट्रेट, समाज कल्याण विभाग की ओर से विकसित मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर अपील का निपटारा किया जा सकेगा.

    संबंधित डीएम की ओर से भी आवेदन को अस्वीकार करने की स्थिति में आवेदक को डिविजनल कमिश्नर के समक्ष शिकायत दर्ज करने का अधिकार भी दिया गया है. डिविजनल कमिश्नर अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

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