प्रदूषण में पिछले साल 44 फीसदी था पराली का योगदान, इस साल अक्‍तूबर तक हुआ इतना

कोरोना वायरस के खतरे और वायु प्रदूषण का गहरा संबंध है (Photo-news18 English creative)
कोरोना वायरस के खतरे और वायु प्रदूषण का गहरा संबंध है (Photo-news18 English creative)

2016 से 2019 तक पीएम 2.5 में 19 फीसदी जबकि पीएम 2.10 में 25 फीसदी की कमी देखी गई थी. 2019 में सितंबर और अक्‍तूबर में ज्‍यादा बारिश भी हुई थी. जबकि इस साल इन महीनों में सिर्फ 21 एमएम ही बारिश कम हुई है.

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  • Last Updated: October 16, 2020, 5:10 PM IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर जानकारी दी है. बोर्ड के मेम्‍बर सेक्रेटरी प्रशांत गार्गव ने बताया कि दिल्‍ली जैसे इलाकों में प्रदूषण बढ़ रहा है लेकिन एक अच्‍छी बात यह भी है कि 2016 से 2019 तक खराब दिनों की संख्‍या घटी है. जबकि एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स की अच्‍छी, मध्‍यम और संतोषजनक श्रेणी के दिनों की संख्‍या में सुधार हुआ है.

गार्गव ने कहा, ‘ठंड के मौसम को देखते हुए सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए हैं. हम लगातार संवेदनशील जगहों पर टीम भेजते हैं जहां प्रदूषण ज्यादा है. 2016 से 2019 तक पीएम 2.5 में 19 फीसदी जबकि पीएम 2.10 में 25 फीसदी की कमी देखी गई थी. 2019 में सितंबर और अक्‍तूबर में ज्‍यादा बारिश भी हुई थी. जबकि इस साल इन महीनों में सिर्फ 21 एमएम ही बारिश कम हुई है. इसलिए भी इस साल प्रदूषण बढ़ा है. हालांकि 2020-21के लिए हमने एक्‍शन प्‍लान तैयार किया है.’


इसके साथ ही 2595 उद्योगों को पीएनजी में कन्‍वर्ट किया है. 3600 पेट्रोल पंपर पर वेपर रिकवरी सिस्‍टम लगाए गए हैं. इसके साथ ही दो थर्मल प्‍लांट बंद किए हैं. 124 जगहों पर एंटी स्‍मॉग गन लगाई गई हैं. साथ ही हॉटस्‍पॉट इलाकों को पहचान कर निगरानी की जा रही है. हालांकि लोग जितना कम गाड़ि‍यों का इस्‍तेमाल करेंगे प्रदूषण नियंत्रण में उतनी ही मदद मिलेगी. इसके साथ ही लोग सीपीसीबी के एप समीर पर शिकायतें भी भेज सकते हैं.
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