मरकज मामला: दिल्ली के साकेत कोर्ट में 20 देशों के 83 जमातियों के खिलाफ 15 हजार 449 पन्नों की चार्जशीट दायर

दिल्ली के साकेत कोर्ट में 83 जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दायर (फाइल फोटो)
दिल्ली के साकेत कोर्ट में 83 जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दायर (फाइल फोटो)

कई जमाती पूछताछ में पहले ही बता चुके हैं कि 20 मार्च के बाद मौलाना साद (Maulana Saad) के कहने पर वो मरकज में रुके थे. सूत्रों की मानें तो अब तक 943 जमातियों से पूछताछ की जा चुकी है.

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने निजामुदद्दीन मरकज मामले (Nizamuddin Markaz Case) में मंगलवार को साकेत कोर्ट (Saket Court) में 20 देशों के 83 जमातियों के खिलाफ चार्जशीट (charge sheet) दाखिल कर दी है. अलग-अलग धाराओं के तहत विदेशी जमातियों के खिलाफ 20 चार्जशीट दाखिल की गई हैं. 83 जमाती जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है उनमें अमेरिका के 5, यूनाइटेड किंगडम के 3, सऊदी अरब के 10, फिलीपींस के 6, चीन के 7, ब्राजील के 8 , अफगानिस्तान के 4, सूडान के 6 और अन्य देशों के कुछ लोग शामिल हैं. सभी 20 चार्जशीट को मिला लें तो ये 15 हजार 449 पन्नों की चार्जशीट है.



बताया जा रहा है कि विदेशी जमातियों पर फॉरेन एक्ट, महामारी एक्ट, और आपदा एक्ट की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है. चार्जशीट में मौलाना साद और मरकज के प्रबंधन के बारे में लिखा गया है. इसके बाद मौलाना साद की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं.
कई जमाती पूछताछ में पहले ही बता चुके हैं कि 20 मार्च के बाद मौलाना साद के कहने पर वो मरकज में रुके थे. सूत्रों की माने तो अब तक 943 जमातियों से पूछताछ की जा चुकी है. हालांकि अभी दिल्ली पुलिस ने 83 विदेशी जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.



700 जमातियों के पासपोर्ट जब्त
बता दें कि तबलीगी जमात के विदेशी सदस्य जो अपना क्‍वारंटाइन पीरियड खत्म कर चुके हैं, उनके पासपोर्ट सरकार ने जब्त कर लिए हैं. ऐसे 700 से ज्यादा जमातियों के पासपोर्ट जब्त किए गए हैं. ये वो लोग हैं जो कोरोना संकट के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में मौलान साद द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जमात से जुड़े हजारों लोगों ने हाल ही में अपना क्‍वारंटाइन पीरियड पूरा कर लिया है. अब इनका वीजा और ट्रेवल डॉक्यूमेंट जब्त होने के बाद ये विदेश किसी भी सूरत में नहीं लौट सकते. जब तक कि इस केस की गुत्थी नहीं सुलझती और मौलाना साद पुलिस की गिरफ्त में नहीं आता तब तक इन विदेशी जमातियों का देश छोड़कर जाना मुश्किल है. इस पूरे मामले में इनकी गवाही ली जाएगी.

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