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रेस्क्यू ऑपरेशन पर खर्च होते हैं करोड़ों रुपये, जानें किसके खजाने से दिया जाता है यह पैसा

कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं के वक्त इंडियन आर्मी और एयर फोर्स मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हैं. (File Photo)
कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं के वक्त इंडियन आर्मी और एयर फोर्स मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हैं. (File Photo)

रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) के बाद रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) राज्य सरकार को इसका बिल भेजता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2021, 8:19 PM IST
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नई दिल्ली. ग्लेशियर (Glacier) टूटने से बाढ़ आए या फिर कहीं किसी बोरवेल में बच्चा गिर जाए. इंडियन आर्मी (Indian Army), नेवी और इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) फौरन ही हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज और दूसरे साजो-सामान के साथ पहुंच जाती है. रविवार को चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चल रहा है. क्‍या आपको पता है कि ऐसे ऑपरेशन पर कितना खर्च होता है? आपको जानकारनी के लिए बता दें कि राहत एवं बचाव कार्य पर करोड़ों रुपये का खर्च आता है. केरल, केदारनाथ (kedarnath) और जम्मू-कश्मीर में भी बाढ़ के दौरान चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए थे. रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के बाद रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) राज्य सरकार को इसका बिल भेजता है.

लोकसभा में दी गई एक जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय प्राकृतिक आपदा राहत कार्य के दौरान भेजी गई आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के काम का बिल राज्य सरकार को भेजता है. राज्य सरकार यह बिल राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (एनडीआरएफ) को भेज देती है. जहां गृह मंत्रालय की अनुमति मिलते ही बिल का पैसा राज्य सरकार को दे दिया जाता है. नियमानुसार भुगतान के लिए रक्षा मंत्रालय हमेशा राज्य सरकार से ही संपर्क करता है.

केदारनाथ में खर्च हुए थे 355 करोड़ रुपये
जून 2019 में आरटीआई से मिली एक जानकारी के मुताबिक केदारनाथ प्राकृतिक आपदा के बाद आर्मी और एयर फोर्स ने साथ मिलकर कई दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था. ऑपरेशन के दौरान इंसानी ही नहीं जानवरों की भी जिंदगी बचाते हुए उन्हें सुराक्षित जगह पर पहुंचाया गया था. इस दौरान जहां आर्मी अपनी हर तरह की मशीनरी के साथ मौजूद थी, वहीं एयर फोर्स छोटे-बड़े विमान और हेलीकॉप्टर के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी.




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लोगों को एयरलिफ्ट करने के साथ ही खाने का सामान और कपड़े भी पहुंचाया जा रहा था. रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी का 91.33 करोड़ रुपये और एयरफोर्स का 265.46 करोड़ रुपये का बिल बना था.

केरल में एयरफोर्स की 1152 उड़ान के बाकी हैं 102 करोड़ रुपये
2018 में केरल में भयंकर बाढ़ आई थी. मदद के लिए आर्मी और एयरफोर्स को बुलाया गया था. एयरफोर्स के विमानों और चॉपर ने लगातार उड़ान भर कर बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाई थी. बाढ़ के समय एयरफोर्स के विमानों ने 517 और हेलीकॉप्टर ने 634 उड़ान भरी थीं. विमानों से 3787 और हेलीकॉप्टर से 584 लोगों को बचाया गया था. वहीं 1597 टन खाने-पीने सहित अन्य सामान हेलीकॉप्टर और विमानों से ढोया गया था.

आरटीआई से मिली एक जानकारी के अनुसार नेवी का 3.18 करोड़ और एयरफोर्स का 102.59 करोड़ रुपये का बिल बना था. वहीं जम्मू-कश्मीर में 2014 में आई बाढ़ के दौरान एयर फोर्स का 244 करोड़, आर्मी का 42.44 करोड़ रुपये का बिल बना था.

2012-18 का 143 करोड़ रुपये आर्मी का 23 राज्यों पर बकाया है.

2010-18 का 633 करोड़ रुपये एयरफोर्स का 16 राज्यों पर बकाया है.
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