CRPF के जवानों ने हाईकोर्ट से जीती कानूनी 'जंग', जल्द मिलेंगे 5-5 लाख रुपये!
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CRPF के जवानों ने हाईकोर्ट से जीती कानूनी 'जंग', जल्द मिलेंगे 5-5 लाख रुपये!
अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के जवानों के पक्ष में हाई कोर्ट ने निर्णय दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि राशन मनी अलाउंस और डिटेचमेंट भत्‍ता अलग-अलग है, ऐसे में सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को इसका लाभ मिलना चाहिए.

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नई दिल्ली. सीआरपीएफ (CRPF) के प्रत्येक जवान से लेकर राजपत्रित अधिकारियों (यानी कमांडेंट स्तर तक के अधिकारियों) से जुड़ी एक अच्छी खबर है. इनको करीब 5 लाख रुपयों के पुराने भुगतान का फायदा मिलने वाला है. राशन मनी अलाउंस और डिटेचमेंट मनी अलाउंस के भुगतान संबंधी मसले पर दिल्ली हाई कोर्ट में तीन माह के अंदर सरकार को इस मामले पर रिपोर्ट देना होगा और बताना होगा की उन जवानों को दोनों भत्ता और पुराने भुगतान किए गए हैं या नहीं. इससे सीआरपीएफ के जवानों और अफसरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के सभी जवानों को तीन महीनों के भीतर राशन मनी अलाउंस और डिटेचमेंट अलाउंस मिलने की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि 21 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट कर दिया है कि इस मसले का जल्द से जल्द समाधान किया जाए .

अब तक था यह नियम
सीआरपीएफ के जवानों और अधिकारियों को मिलने वाले दोनों भत्तों की बात करें तो जवानों के पास ये ऑप्शन होता था कि अगर कोई जवान राशन मनी अलाउंस पूरा ले लेता था तो उसे डिटेचमेंच भत्ता छोडना पड़ता था. दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि दोनों भत्‍तों को आपस में लिंक किसने किया है. ये दोनों भत्‍ते अलग-अलग हैं, लिहाजा इस मामले में दोनों भत्ता पाने का हक जवानों को है. इस खबर के बाद सीआरपीएफ के जवानों में काफी खुशी देखी गई है.
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क्या होता है राशन मनी अलाउंस?
अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ में करीब सवा तीन लाख जवान कार्यरत हैं. इस हिसाब से ये देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल है. सीआरपीएफ में कार्यरत जवानों और अराजपत्रित अधिकारियों को यानी कमांडेंट स्तर के अधिकारियों को वेतन के साथ-साथ रोजाना खाना खाने के हिसाब से एक विशेष भत्ता प्रदान किया जाता था, जिसे राशन भत्ता कहते हैं. लेकिन, साल 2019 के अप्रैल महीने से यह बंद है. लिहाजा अब सरकार को उन पुराने वक्त के राशन भत्ते को भी जोड़कर जवानों सहित राजपत्रित अधिकारियों को वो पैसा देना होगा. इस मामले में कोर्ट में यह साफ हो चुका है की ये राशी साल 1998 से लेकर 2019 तक का पुराने भुगतान के हिसाब से करना होगा.  लिहाजा, एक अनुमान लगाया जा रहा है की करीब पांच लाख रुपये सीआरपीएफ के सभी जवानों को जल्द ही मिलने वाला है. हलांकि, तीन महीने के बाद इस मामले में एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करना होगा.
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