कोविड 19: कोरोना वॉरियर डॉक्टर के खाते से जामताड़ा के साइबर ठगों ने पार कर दिए 14 लाख रुपये

कोरोना वायरस संकट के बीच हैकिंग का खतरा बढ़ गया है.
कोरोना वायरस संकट के बीच हैकिंग का खतरा बढ़ गया है.

कार्रवाई के नाम दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का कहना है कि डॉक्टर साहब सब्र कीजिए. हम जामताड़ा (Jamtara) नहीं जा सकते. वहां की पुलिस उनसे मिली हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2020, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. डॉ. रिचा नारंग दिल्ली के लोकनायक अस्पताल (lok nayak hospital) में कोरोना (Corona) वारियर बनकर दिन-रात मरीजों की सेवा कर रही हैं. इसके चलते वो घर भी नहीं जा पा रही हैं. घर में 80 साल की बूढ़ी मां भी है. लेकिन इस बीच जामताड़ा (Jamtara) के साइबर ठगों ने उनके बैंक अकाउंट को निशाना बना लिया. अकाउंट से 14 लाख रुपये की रकम उड़ा ली. डॉ. रिचा का कहना है कि एफआईआर दर्ज करा दी गई है. लेकिन कार्रवाई के नाम दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का कहना है कि डॉक्टर साहब सब्र कीजिए. हम जामताड़ा नहीं जा सकते. वहां की पुलिस उनसे मिली हुई है. कार्रवाई के नाम पर अभी तक पुलिस ने कुछ बैंक अकाउंट को सीज़ कर दिया है. लेकिन ज़्यादातर रकम वो निकाल चुके हैं.

डॉ. रिचा के साथ ऐसे हुई 14 लाख रुपये की ठगी

डॉ. रिचा ने न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए बताया कि उन्हें एक कंपनी का लोन चुकाना था. इसके लिए उनके खाते में इतनी बड़ी रकम थी. लॉकडाउन होने के चलते वो ऐसा नहीं कर पा रहीं थी. कंपनी वाले भी कोई रेस्पांस नहीं कर रहे थे. फिर एक दिन उन्होंने उस कंपनी के फेसबुक पेज पर शिकायत दर्ज कराई. उस पेज पर किसी ने मेरा मोबाइल नंबर मांगा.



नंबर मांगने वाले ने अपने को कंपनी का अधिकारी बताया. उससे मेरी बात हुई तो उसने ऑनलाइन बैंक ट्रांजेक्शन करने को कहा. वो भी ऑनलाइन था. वो मुझे लगातार निर्देश दे रहा था. इसी सब के बीच उसने मेरे खाते से रुपये निकालना शुरु कर दिए. 53 ट्रांजेक्शन से उसने मेरे अकाउंट से 13 लाख, 95 हज़ार और 816 रुपये निकाल लिए.
दोपहर को शिकायत की तो रात को दर्ज हुई एफआईआर

डॉ. रिचा का कहना है कि 23 अप्रैल को मेरे अकाउंट से यह रुपया जाना शुरु हो गया था. 24 तारीख को भी कुछ रुपये गए थे. लेकिन मेरे पास कोई मैसेज नहीं आ रहा था. 24 की दोपहर को मैं पुलिस स्टेशन गई. बैंक भी गई तो उन्होंने एफआईआर की कॉपी मांगी. लेकिन कई घंटे तक चक्कर लगवाने के बाद रात के वक्त मेरी एफआईआर दर्ज की गई. अब कहा जा रहा है इसमे हम कुछ नहीं कर सकते. जामताड़ा भी नहीं जा सकते. वहां की पुलिस उनसे मिली हुई है. अब जो होना था वो तो हो गया.

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