प्राइवेट में जाने की खबरों के बीच Air India में नौकरी के लिए 100 लोगों के पास गया फोन! जानें कैसे

एयर इंडिया में नौकरी लगवाने के नाम पर 100 लोगों के साथ करीब 60 लाख रुपये की ठगी हुई है.
एयर इंडिया में नौकरी लगवाने के नाम पर 100 लोगों के साथ करीब 60 लाख रुपये की ठगी हुई है.

लोगों के पास एक महिला अधिकारी की फोन कॉल गई कि उन्हें एयर इंडिया में नौकरी के लिए सलेक्ट किया गया है. यह बात अलग है कि बाद में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की साइबर सेल ने इस पूरे मामले को ही फर्जी (Fake) पाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 6:46 AM IST
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नई दिल्ली. एयर इंडिया (Air India) को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया (Social)Media पर तरह-तरह की खबरें आती रहती हैं. कभी एयर इंडिया की बोली लगने की खबर आती है तो कभी इसके पूरी तरह से प्राइवेट हाथों में जाने की खबरें चर्चाएं बनती हैं. लेकिन इतना सब होने के बाद भी बीते कुछ दिनों में 100 लोगों के पास एक महिला अधिकारी की फोन कॉल गई कि उन्हें एयर इंडिया में नौकरी के लिए सलेक्ट किया गया है. यह बात अलग है कि बाद में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की साइबर सेल ने इस पूरे मामले को ही फर्जी (Fake) पाया.

एयर इंडिया के नाम पर ऐसे लगाया 60 लाख का चूना

दक्षिण पश्चिम जिले की साइबर सेल ने एयर इंडिया के नाम पर चल रहे फर्जी जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस रैकेट के एक महिला समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह लोग फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अब तक 100 से ज्यादा लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बना चुके हैं. ये गैंग नौकरी पाने वालों को WWW.SHINE.COM के जरिए फंसाते थे.



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इन आरोपियों ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है. फर्जी आधार कार्ड पर 12 बैंक खातों की पहचान भी हुई है. मोबाइल फोन, चेकबुक और डेबिड कार्ड भी बरामद किए गए हैं. ये कॉल सेंटर नोएडा से चलाया जा रहा था. इस गैंग में महिला खुद एचआर बनकर लोगों को पैसा खातों में डलवाने के लिए बोलती थी. जब्त खातों में से लगभग 60 लाख की रकम क्रेडिट की गई है जबकि 47 हज़ार फ्रीज कर दिए गए हैं.

परीक्षा में पास कराने की जालसाजी का ऐसे हुआ खुलासा

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डीएसएसएसबी में अपनी जगह दूसरी युवती से पेपर करवाने के आरोप में 3 युवतियो को गिरफ्तार किया है. इन तीनो का पेपर देने वाली मुख्य आरोपी युवती की तलाश की जा रही है. तीनो आरोपी प्राइमरी टीचर की पोस्ट में सेलेक्ट हो चुकी थीं. लेकिन उनकी पोल खुलने के बाद उनका सेलेक्शन कैंसिल किया गया और उनके डीएसएसएसबी के किसी भी एग्जाम में बैठने पर पाबंदी लगा दी गई है.

डीएसएसएसबी के कंट्रोलर की शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने ये कार्रवाई की है. साल 2018 के अक्टूबर और नवम्बर में अलग-अलग तरीखों में प्राइमरी टीचर का एग्जाम था. जिसमें इन आरोपियों ने अपनी जगह एक दूसरी युवती को पेपर देने भेजा था. डीएसएसएसबी द्वारा दिए गए एग्जाम में चयनित छात्रों को एडमिट कार्ड के सहारे कॉल किया जाता है. एडमिट कार्ड के दूसरे पेज में कैंडिडेट की फोटो के साथ सिलेक्शन करते समय अधिकारियों को एक ही महिला की 4 एडमिट कार्ड के दूसरे पेज में फोटो दिखी, जिससे खुलासा हुआ.
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