• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • लाखों की साइबर ठगी के मामले की जांच में पुलिस को मिला ये अनोखा अंगूठा

लाखों की साइबर ठगी के मामले की जांच में पुलिस को मिला ये अनोखा अंगूठा

गिरोह का नेटवर्क बिहार, झारखंड, बंगाल व महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में फैला है. (प्रतीकात्मक फोटो)

गिरोह का नेटवर्क बिहार, झारखंड, बंगाल व महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में फैला है. (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) छानबीन करती हुई उन चार बैंक खातों (Bank Account) तक पहुंच गई जिसमे कारोबारी (Businessman) की रकम ट्रांसफर की गई थी. लेकिन वो खाते अनपढ़, गरीब मजदूरों के निकले.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दक्षिणी दिल्ली के एक करोबारी (Businessman) के साथ लाखों रुपये की ठगी (Fraud) हो गई. कारोबारी ने किसी भी तरह के कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया. आनलाइन (Online) भी कोई ट्रांजेक्शन नहीं, बावजूद इसके बैंक खाते (Bank Account) से 17 लाख रुपये की रकम निकाल ली गई. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने जब छानबीन की तो साइबर ठगी (Cyber Fraud) के आरोपियों तक पहुंच गई. लेकिन वहां मिले तो सिर्फ चार अनपढ़ मजदूरों के नाम-पते और रबर का अंगूठा.

    रबर के अंगूठे से ऐसे निकाली गई लाखों की रकम
    साइबर ठगों ने कारोबारी के बैंक खाते में सेंध लगाकर 17 लाख रुपये की रकम पार कर दी. इतना ही नहीं ठगी की उस रकम को चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर भी कर लिया. पीड़ित कारोबारी ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी. साइबर ठगों की खोज में लगी पुलिस छानबीन करती हुई उन चार बैंक खातों तक पहुंच गई जिसमे कारोबारी की रकम ट्रांसफर की गई थी. लेकिन वो खाते अनपढ़, गरीब मजदूरों के निकले.

    जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते खुलवाने के लिए अंगूठे की निशानी ली गई थी. लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनके खाते में इतने रुपये हैं. जांच में पता चला कि रबर के अंगूठे पर उनके निशान लेकर खाते से रकम निकाली जा रही थी.

     

    ऐसे तैयार होता है रबर का अंगूठा
    जानकारों की मानें तो ठगी करने वाले किसी भी तरह से गरीब और मजदूर बैंक खाताधारक के अंगूठे की निशान एक सादा कागज पर ले लेते हैं. उस निशान को स्कैन किया जाता है और फोटोशॉप से निशान को साफ कर लिया जाता है. फिर पॉलिमर केमिकल मुहर मशीन की मदद से हूबहू निशान तैयार कर लेते थे. और जब ठगों को उसका इस्तेमाल करना होता है तो वो पॉलिमर केमिकल की मदद से तैयार उस निशान को अंगूठे पर चिपका लेते हैं और इस्तेमाल करने लगते हैं.

    इस तरह के नए तरीके से फर्जीवाड़ा करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है. जांच टीम सरगना समेत आरोपियों की तलाश में जुटी है. पुलिस की मानें तो गिरोह का नेटवर्क बिहार, झारखंड, बंगाल व महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में फैला है. गिरोह यहां रहने वाले मजदूरों के खाते खुलवाकर उसका इस्तेमाल ठगी में करते हैं.

    ये भी पढ़ें- यहां लगेगी शराब की सेल, 25 प्रतिशत सस्ती मिलेगी अंग्रेजी शराब और बीयर

    डॉक्टर ने कर दी कुत्ते की हत्या, अब 14 दिन के लिए भेजा गया जेल

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज