निजी अस्पतालों में रिजर्व कोविड आईसीयू बेड घटाकर 60% करने का फैसला : दिल्ली सरकार

दिल्ली HC ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 8 जनवरी तय की.

दिल्ली HC ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 8 जनवरी तय की.

दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि स्थिति प्रबंधन समिति की सिफारिश पर उसने 33 निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बेड घटाकर 60 फीसदी करने का निर्णय किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 6:11 PM IST
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय (delhi high court) में कहा कि स्थिति प्रबंधन समिति की सिफारिश पर उसने 33 निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बेड (Reserved ICU beds) घटाकर 60 फीसदी करने का निर्णय किया है. दिल्ली सरकार (Delhi government) ने न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद से कहा कि यह निर्णय एम्स निदेशक (AIIMS Director) और नीति आयोग (NITI Aayog) के एक सदस्य की दो सदस्यीय समिति द्वारा स्थिति प्रबंधन समिति की सिफारिश पर मुहर लगाने के बाद लिया गया है. स्थिति प्रबंधन समिति ने इन 33 निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित बेड 80 फीसदी से घटाकर 60 फीसदी करने की सिफारिश की थी.

अगली सुनवाई 8 जनवरी को

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 8 जनवरी तय की. इससे पहले दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन और अतिरिक्त स्थायी वकील संजय घोष ने अदालत से कहा कि इस आरक्षण की 5 जनवरी को समीक्षा की जाएगी. अदालत ने दिल्ली सरकार से अगली सुनवाई के दिन अपना फैसला उसके सामने रखने का निर्देश दिया. न्यायालय एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसने यहां 33 निजी अस्पतालों में 80 फीसदी आईसीयू बेडों को कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित करने के 12 सितंबर के फैसले को खारिज करने का अनुरोध किया है.

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प्रबंध समिति की सिफारिश का विरोध

एसोसिएशन ने 24 दिसंबर को स्थिति प्रबंधन समिति की सिफारिश का विरोध किया था और कहा था कि कोविड-19 के प्रतिदिन के नए मामलों में कमी आने, संक्रमण दर घटने और सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में आईसीयू बेड उपलब्ध होने को लेकर अब यह आरक्षण समाप्त कर दिया जाना चाहिए.

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