Ghaziabad News- तीसरी लहर से बच्‍चों को बचाने के लिए बनाए डेडीकेटेड अस्‍पताल

सरकारी अस्‍पताल में बनाए गए बच्‍चों के लिए वार्ड

गाजियाबाद प्रशासन ने तीसरी लहर में बच्‍चों को बचाने के लिए डेडीकेटेड अस्‍पताल और वार्ड बना दिए हैं, इनमें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही हैं.

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    गाजियाबाद. बच्‍चों को कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव से बचाने के लिए जिले में डेडीकेटेड अस्‍पताल और वार्ड बनाए जा रहे हैं. दूसरी लहर से प्रशासन ने सबक लेते हुए इसके लिए अभी तैयारी शुरू कर दी है. राम सरन इंडो जर्मन अस्पताल को पूरी तरह से बच्चों के लिए डेडीकेट किया गया है, वहीं सरकारी अस्पतालों में संतोष अस्पताल व जिला महिला अस्पताल को चुना गया है. यहां पीकू नीकू वार्ड में बच्चों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं. डीएम अजय शंकर पांडेय ने इन अस्पतालों में बने वार्ड का निरीक्षण किया और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए हैं.

    संतोष मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू यानी पीकू और एनआईसीयू नीकू वार्ड की सुविधा शुरू कर दी गई हैं. यहां पर वेंटीलेटर्स, इन्फ्यूजन पम्पस, बाईपेप, ऑक्सीजन वितरण प्रणाली, पोर्टेबल एक्सरे और ईसीएचओ उपलब्ध करा दी गई हैं. पीकू वार्ड में लेबल 4 के दस बेड्स उपलब्ध हैं. यहां बेड्स, सेंट्रल ऑक्सीजन, सेंट्रल सेक्शन और वेंटीलेशन के लिए कंप्रेस्ड एयर प्वॉइंट, चिकित्सा आपात स्थिति, सामान्य बाल चिकित्सा, बाल सर्जरी से गुजरने वाले रोगियों की पोस्ट ऑपरेटिव के लिए आरक्षित होगा. नीकू वार्ड में लेबल 3 के दस बेड्स उपलब्ध हैं. वहां भी सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इसके अलावा नवजातों की देखभाल के लिए चार वेंटीलेटर्स, दो बबल सीपैप मशीनें उपलब्ध हैं.



    इस वार्ड में फोटोथैरेपी, एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन, पोर्टेबल सीएसजी, उपकरण, कैथीटेराइजेशन, सर्फेक्टेंट थैरेपी की सुविधाओं से लैस है. इस वार्ड में 30  सप्ताह से अधिक उम्र वाले और एक किलोग्राम से अधिक वजन वाले नवजात शिशुओं के इलाज की सुविधा होगी. डीएम अजय शंकर पांडेय ने कमियों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. गौरतलब है क‍ि विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरा बताया है. ऐसे में बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की अफरा तफरी का माहौल न हो और उन्‍हें पर्याप्त इलाज मिल सके, इसके लिए प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है.