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बाढ़-भूकंप में राज्यों से आर्मी और एयरफोर्स का बिल वसूलता है यह मंत्रालय

बाढ़-भूकंप में राज्यों से आर्मी और एयरफोर्स का बिल वसूलता है यह मंत्रालय

फाइल फोटो- एयरफोर्स बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर की मदद से सेफ जगह पहुंचाती है.

फाइल फोटो- एयरफोर्स बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर की मदद से सेफ जगह पहुंचाती है.

एक ऐसा मंत्रालय है जो आपदा (disaster) पीड़ित राज्यों से आर्मी, नेवी (Navy) और एयरफोर्स की मदद लेने पर बिल वसूलता है. जिसका आज भी करोड़ों रुपया कई राज्यों पर बकाया है.

    पहाड़ी हो या मैदानी देश के कई इलाकों में बाढ़ आई हुई है. जगह-जगह आर्मी (Army) के जवान और एयरफोर्स (Airforce) के चॉपर बाढ़ में फंसे लोगों को बचा रहे हैं. उन तक खाना पहुंचा रहे हैं. बीमारों का इलाज कर रहे हैं. जान जोखिम में डालकर सुराक्षित जगहों तक पहुंचा रहे हैं. केदारनाथ त्रासदी हो या केरल और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आई बाढ़ के दौरान भी आर्मी और एयरफोर्स ने ऐसा ही जज्बा दिखाया था. लेकिन केन्द्र में रक्षा मंत्रालय (defence ministry) एक ऐसा मंत्रालय है जो आपदा (disaster) पीड़ित राज्यों से आर्मी, नेवी (Navy) और एयरफोर्स की मदद लेने पर बिल वसूलता है. जिसका आज भी करोड़ों रुपया कई राज्यों पर बकाया है.

    केरल में एयरफोर्स की 1152 उड़ान के बाकी हैं 102 करोड़ रुपये

    2018 में केरल में भयंकर बाढ़ आई थी. मदद के लिए आर्मी और एयरफोर्स को बुलाया गया था. एयरफोर्स के विमानों और चॉपर ने लगातार उड़ान भर के बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाई थी. बाढ़ के समय एयरफोर्स के विमानों ने 517 और हेलिकॉप्टर ने 634 उड़ान भरी थीं. विमानों से 3787 और हेलिकॉप्टर से 584 लोगों को बचाया गया था. वहीं 1597 टन खाने-पीने सहित अन्य सामान हेलिकॉप्टर और विमानों से ढोया गया था. लेकिन आरटीआई से मिली एक जानकारी के अनुसार केरल सरकार पर अभी भी एयरफोर्स का 102 और नेवी का 3.18 करोड़ रुपये बकाया है.

    किस राज्य का कितना बिल बना आर्मी-एयरफोर्स का

    जम्मू-कश्मीर में 2014 में आई बाढ़ में चले राहत कार्य के आर्मी को 42.44 करोड़, एयरफोर्स 244 करोड़ और मेडिकल सहायता के 51 करोड़ रुपये का बिल बना था.

    हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान सेना को लाने के लिए एयरफोर्स का 5.39 करोड़ रुपये का बिल बना.

    2013 की केदारनाथ आपदा के राज्य सरकार पर एयरफोर्स के 265 करोड़ रुपये बकाया हैं.

    फाइल फोटो- सेना बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के साथ ही उन तक खाने का सामान भी पहुंचाती है.


    बोरवेल से बच्चा निकालने के लिए एमपी सरकार ने आर्मी की मदद ली थी. 60 हजार रुपये का बिल बना था.

    कुंभ मेले के दौरान उज्जैन में आर्मी ने पुल बनाया था. जसिका बिल 9 करोड़ रुपये का बना था.

    2012-18 का 143 करोड़ रुपये आर्मी का 23 राज्यों पर बकाया है.

    2010-18 का 633 करोड़ रुपये एयरफोर्स का 16 राज्यों पर बकाया है.

    स्त्रोत- रक्षा मंत्रालय, आरटीआई.

    फाइल फोटो- प्राकृतिक आपदा के दौरान सेना, नेवी और एयरफोर्स का इस्तेमाल करने पर रक्षा मंत्रालय राज्य को बिल भेजता है.


    यह है बिल के भुगतान का तरीका

    लोकसभा में दी गई एक जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्रालय प्राकृतिक आपदा राहत कार्य के दौरान भेजी गई आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के काम का बिल राज्य सरकार को भेजता है. राज्य सरकार यह बिल राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (एनडीआरएफ) को भेज देती है. जहां गृहमंत्रालय की अनुमति मिलते ही बिल का पैसा राज्य सरकार को दे दिया जाता है. लेकिन नियमानुसार भुगतान के लिए रक्षा मंत्रालय हमेशा राज्य सरकार से ही संपर्क करता है.

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    Tags: Defence ministry, Flood, Indian army, Jammu and kashmir

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