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दिल्‍ली : जल्‍द 150 अनाधिकृत कॉलोनियों के लाखों लोग करा सकेंगे मकानों की रजिस्‍ट्री, DDA कर रहा तैयारी

दिल्ली के मास्टर प्लान रोड और ओ जोन में आने वाली अनाधिकृत कॉलोनियों में भी आने वाले समय में रजिस्ट्री खुलेगी. (फाइल फोटो)

दिल्ली के मास्टर प्लान रोड और ओ जोन में आने वाली अनाधिकृत कॉलोनियों में भी आने वाले समय में रजिस्ट्री खुलेगी. (फाइल फोटो)

दिल्ली विकास प्राधिकरण अब इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री कराने की समस्या को दूर करने का रास्ता निकाल रहा है. इस मामले पर DDA सदस्यों ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है. डीडीए के सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर डीडीए के उपाध्यक्ष अनुराग जैन से मुलाकात की हैै.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2021, 12:09 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority) अब उन अनाधिकृत कॉलोनियों में भी रजिस्ट्री कराने की अनुमति देगा, जो मास्टर प्लान रोड और ओ जोन (O Zone) में आ रही थीं. इस तरह दिल्ली के मास्टर प्लान रोड और ओ जोन में आने वाली अनाधिकृत कॉलोनियों में भी आने वाले समय में रजिस्ट्री खुलेगी. दिल्ली विकास प्राधिकरण अब इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री कराने की समस्या को दूर करने का रास्ता निकाल रहा है. इस मामले पर DDA सदस्यों ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है. डीडीए के सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर डीडीए के उपाध्यक्ष अनुराग जैन से मुलाकात की है.

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पीएम उदय (PM-UDAY) योजना के बाद से दिल्ली मास्टर प्लान से सड़कों की भौगोलिक स्थितियां बदल गई हैं. अब इन सड़कों का कोई औचित्य नहीं रह जाता है. ऐसे में अब डीडीए को अथॉरिटी की मीटिंग में मास्टर प्लान में संशोधन संबंधी प्रपोजल लाकर कॉलोनियों में मास्टर प्लान सड़कों को हटाने का ‍निर्णय लेना चाहिए.

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह सभी सड़कें अनाधिकृत कॉलोनियों के बीचों बीच से गुजर रही हैं. यह सभी सड़कें पूर्व में बनाए गए मास्टर प्लान के तहत रखी गई थीं, लेकिन मास्टर प्लान के तहत काम नहीं होने की वजह से इनकी स्थिति जस की तस है. ऐसे में अब भौगोलिक स्थितियां बदल गई हैं तो अब इन मास्टर प्लान रोड का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता है. इनको समाप्त करके दिल्ली के लाखों लोगों को राहत देने की जरूरत है.



उन्होंने कहा कि इस संशोधन के बाद दिल्ली की करीब 100 से 150 कॉलोनियों में रहने वाली लाखों लोगों की आबादी को बड़ा फायदा मिलेगा. वहीं रजिस्ट्री होने की वजह से उनको संपत्ति का मालिकाना हक भी मिल सकेगा. मास्टर प्लान रोड में आने की वजह से डीडीए आज तक इन कॉलोनियों में रजिस्ट्री का अधिकार नहीं दे सका है.
उन्होंने बताया कि जल्द ही होने वाली डीडीए की मीटिंग में इस संबंध में एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिससे कि मास्टर प्लान में संशोधन किया जा सके. उन्होंने बताया कि डीडीए उपाध्यक्ष के समक्ष ओ-जोन में आ रही अनाधिकृत कॉलोनियों का मामला भी उठाया है. ओ-जोन में आने वाली अनधिकृत कॉलोनियों के मामले में भी संशोधन किए जाने की जरूरत है.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक कमेटी पहले से ही गठित है. कमेटी की ओर से यह फैसला लिया जाना है कि जो यमुना खादर के एक किलोमीटर से कम दायरे में बसी अनाधिकृत कालोनियों को ओ-जोन में रखा जाए, बाकी को बाहर रखकर राहत दी जाए. इस पर भी डीडीए की मीटिंग में चर्चा की जाएगी.
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