Delhi Air Pollution Updates: दिल्ली में बिगड़ती जा रही हवा की सेहत, कई इलाकों में AQI 400 पार

दिल्ली में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है  (फाइल फोटो)
दिल्ली में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है (फाइल फोटो)

Delhi Air Pollution Updates: 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 4:30 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है. शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्‍ता ऐसी नहीं है कि उसमें सांस भी ली जा सके. दिल्‍ली के कई जगहों पर एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (AQI) या हवा की गुणवत्‍ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच चुका है. शुक्रवार सुबह दिल्‍ली के आनंदविहार इलाके में एक्‍यूआई 422 तक पहुंच गया. यह स्थिति बच्‍चों और बुजुर्गों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद बुरा है.

आनंदविहार के साथ साथ दिल्ली के आरके पुरम में एक्यूआई 407, द्वारका में 421, सेक्टर  8 और बवाना में AQI 430 पहुंच गया. दिल्‍ली में सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है. हालात यहां तक पहुंच जाते हैं कि सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है. इससे खास तौर पर बुजुर्ग और बच्‍चे सबसे ज्‍यादा प्रभावित होते हैं. उनका स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ने का खतरा उत्‍पन्‍न हो जाता है.


ये AQI का पैमाना
उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से दिल्‍ली समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया है.





सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, गुरुवार शाम चार बजे गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता का स्तर 464 दर्ज किया गया. जबकि यह दिल्‍ली में 500 के पार पहुंच गया है. इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 457, नोएडा में 450, गुड़गांव में 443 और फरीदाबाद में 416 दर्ज किया गया. जबकि बुधवार को यह स्तर गाजियाबाद में 389, ग्रेटर नोएडा में 368, नोएडा में 345, फरीदाबाद में 331 और गुड़गांव में 290 दर्ज किया गया था. ऐप के अनुसार, दिल्ली के पड़ोसी इन पांच शहरों में मुख्य प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 है. जबकि सीपीसीबी का कहना है कि वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ रहने से स्वस्थ लोग भी प्रभावित होते हैं जबकि जो लोग पहले से ही बीमार हैं, उन पर बेहद गंभीर असर पड़ता है.
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