दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट से फिर लताड़, कहा- व्यवस्था नाकाम, ऑक्सीजन सिलेंडरों-दवाइयों की हो रही कालाबाजारी

दिल्ली सरकार के घर पर इलाज करा रहे मरीजों को रेमडेसिविर की उपलब्धता नहीं करवाने को लेकर दिए आदेश पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है

दिल्ली सरकार के घर पर इलाज करा रहे मरीजों को रेमडेसिविर की उपलब्धता नहीं करवाने को लेकर दिए आदेश पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) के घर पर इलाज करा रहे कोविड मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) नहीं मिलेगा, इस आदेश पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने कहा, आप ऐसा आदेश कैसे पास कर सकते हैं. इसका मतलब जिनको अस्पताल में बेड नही मिला, उन्हें इंजेक्शन भी नहीं मिलेगा. यह तो लोगों की जिंदगी से खेलना हुआ

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  • Last Updated: April 28, 2021, 12:07 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना संक्रमितों के इलाज के मुद्दे पर दिल्ली हाइकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) को फिर लताड़ लगाई है. हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की पूरी व्यवस्था नाकाम रही है और ऑक्सीजन सिलेंडरों व कोविड 19 (Covid 19) मरीजों के इलाज के लिए प्रमुख दवाओं की कालाबाजारी हो रही है.

जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि यह समय गिद्ध बनने का नहीं है. पीठ ने ऑक्सीजन रिफिल करने वालों से कहा, ‘क्या आप कालाबाजारी से अवगत हैं. क्या यह कोई अच्छा मानवीय कदम है?’ बेंच ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस गड़बड़ी को दूर करने में नाकाम रही है. हाईकोर्ट ने कहा कि आपके पास अधिकार हैं, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें. लोगों को कालाबाजारी में ऑक्सीजन सिलेंडर लाखों में खरीदने पड़ रहे हैं, जबकि उनकी कीमत महज चंद हजार है.



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दिल्ली सरकार के रेमडेसिविर इंजेक्शन पर दिए आदेश से हाईकोर्ट नाराज

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के घर पर इलाज करा रहे कोविड मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलेगा, इस आदेश पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने कहा, आप ऐसा आदेश कैसे पास कर सकते हैं. इसका मतलब जिनको अस्पताल में बेड नही मिला, उन्हें इंजेक्शन भी नहीं मिलेगा. यह तो लोगों की जिंदगी से खेलना हुआ.

इसपर दिल्ली सरकार के वकील ने जवाब दिया कि रेमडेसिविर की जमाखोरी जारी है इसलिए ऐसा आदेश देना पड़ा. मैं कोर्ट के सामने छापेमारी की जानकारी रखूंगा. कोर्ट ने कहा कि आप सभी अस्पतालों, फार्मेसी को रेमडेसिविर, बाकी दवाओं की जानकारी देने के लिए बोले, वो बताएंगे कि किसको कितने इंजेक्शन दिए गए है.
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