Delhi AQI Update: दिल्ली में और बिगड़ी हवा की सेहत, आज 'बहुत खराब' होने के आसार

Delhi AQI (फाइल फोटो)
Delhi AQI (फाइल फोटो)

Delhi AQI: एक्यूआई 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 'गंभीर' माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 12:52 PM IST
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नई दिल्ली. हवा की गति बढ़ने के कारण मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (New Delhi) में प्रदूषण (Pollution) का स्तर थोड़ा कम हो गया, लेकिन हवा की गुणवत्ता (Delhi AQI) अब भी "खराब" श्रेणी में है और इसके बुधवार को 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में जाने के आसार हैं. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान तथा अनुसंधान प्रणाली’ (सफर) ने कहा कि मंगलवार को दिल्ली के पीएम 2.5 में पराली जलाने की हिस्सेदारी आठ फीसदी रही है और इसके बुधवार सुबह बढ़ने के आसार हैं. शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 223 दर्ज किया गया. एक्यूआई सोमवार को 244 था. रविवार को यह 254 और शनिवार को 287 था.

गौरतलब है कि एक्यूआई 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 'गंभीर' माना जाता है. हवा की गति कम होने और तापमान कम होने से हवा में प्रदूषकों का संचय होता है, जबकि हवा की गति तेज होने से प्रदूषकों को तितर-बितर करने में मदद मिलती है. सफर’ ने कहा कि बुधवार की सुबह तक हवा की दिशा में बदलाव और उसकी गति में कमी आने की आशंका है, जिससे एक्यूआई और खराब हो सकता है.

हरियाणा, पंजाब और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार के क्षेत्र में पराली जलाए जाने की 1,017 घटनाएं सोमवार को सामने आई हैं. आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता में और गिरावट आने की आशंकाओं को देखते हुए, उच्चतम न्यायालय द्वारा स्थापित पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों से कहा कि वे 2015 में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले थर्मल पावर प्लांट बंद करने के लिए तैयार रहें.



बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की मासिक बैठक आयोजित कराने का अनुरोध किया था.
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