Delhi AQI Update: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, नोएडा में AQI 608 तो ITO में 628, सांस लेना दूभर

धुंध की वजह से सड़कों पर दिखाई देना मुश्किल हो गया है. (फोटो- सिग्नेचर ब्रिज के पास की है)
धुंध की वजह से सड़कों पर दिखाई देना मुश्किल हो गया है. (फोटो- सिग्नेचर ब्रिज के पास की है)

Delhi AQI Update: दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के पास ही हवा की गुणवत्ता बहुत ही खराब हो गई है. यहां पर भी लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 11:49 AM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) और उसके आसपास के इलाकों में तमाम उपायों के बावजूद वायु प्रदूषण (Air Pollution) की स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है. मंगलवार सुबह कई इलाकों में हवा की गुणवत्‍ता (AQI Index) 'बेहद गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई. इससे सांस लेने में कठिनाई के साथ ही आंखों में जलन की समस्‍या भी सामने आने लगी है. खासकर बुजुर्गों और बच्‍चों के लिए यह स्थिति बहुत खतरनाक है. खबर है कि दिल्ली में औसत AQI 534 पर पहुंच गया है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास ही हवा की गुणवत्ता बहुत ही खराब हो गई है. यहां पर भी लोगों का सांस लेना दुभर हो गया है. प्रदूषण का आलम यह है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी और इसके आसपास क इलाकों में एक्यूआऊ 554 है, जो कि 'बेहद गंभीर' श्रेणी में आता है. इसी तरह नोयडा में 608, ITO दिल्ली में 628 और पूसा में AQI 537 पाया गया है. उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.






समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 दर्ज किया गया था
वहीं, कल आनंद विहार (Anand Vihar) में AQI का लेवल 484, मुंडका में 470, ओखला फेज 2 में 465 और वजीरपुर में वायु गुणवत्‍ता सूचकांक 468 पाया गया था. इसे सीवियर कैटेगरी माना जाता है और इसकी वजह से कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है. इसी तरह रविवार को खबर सामने आई थी कि पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पराली को कथित रूप से जलाए जाने के बीच रविवार को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index) 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मोबाइल ऐप 'समीर' के मुताबिक, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 दर्ज किया गया था जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी संगठन वायु गुणवत्ता प्रणाली एवं मौसम पूर्वानुमान व शोध (सफर) ने बताया था कि स्थिति में तब तक सुधार होने की संभावना नहीं है जब तक कि पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी नहीं आती है.
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