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संगम विहार चौपाल: दावा एशिया की सबसे बड़ी कालोनी का, समस्या सीवर और पानी की

सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले दो विधायकों के टिकट 'आप' ने काटे

सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले दो विधायकों के टिकट 'आप' ने काटे

2013 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के दिनेश मोहनिया ने बीजेपी (BJP) उम्मीदवार को हराया और विधायक (MLA) बने. 2015 के चुनाव (Election) में भी आप के दिनेश मोहनिया ने लगातार दूसरी जीत हासिल की थी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) की संगम विहार विधानसभा (Sangam vihar constituency) किसी नाम की मोहताज नहीं है. दिल्ली के किसी भी छोर पर इसका नाम लेकर पहुंचा जा सकता है. वैसे तो इसकी कई खूबियां हैं, लेकिन ऐसा दावा किया जाता है कि संगम विहार एशिया की सबसे बड़ी कालोनी है. दिल्‍ली के इस सीमांत इलाके में बड़े पैमाने पर जंगल है. यह इलाका बिजवासन, अंबेडकर नगर (Ambedkar Nagar), छतरपुर और कालकाजी (Kalkaji) से घिरा हुआ है. छतरपुर (Chatarpur) से सटा होने के चलते भी संगम विहार में चारों ओर अच्छी खासी हरियाली है.

    गाज़ियाबाद (Ghaziabad), नोएडा (Noida) और महरौली (Mehrauli) के लिए यहां से ट्रांसपोर्ट (Transport) की भी अच्छी सुविधा है. संगम विहार दक्षिण दिल्‍ली लोकसभा (Lok sabha) क्षेत्र में भी शामिल है. 2002 में गठित परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में संगम विहार विधानसभा सीट का गठन किया गया. चुनाव आयोग ने 2008 में यहां पहली बार विधानसभा चुनाव कराए थे. तब यहां से बीजेपी (BJP) के एससीएल गुप्‍ता कांग्रेस (Congress) के आमोद कुमार कांत को करारी हार देते हुए विधायक बने थे. 2013 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के दिनेश मोहनिया ने बीजेपी उम्मीदवार को हराया और विधायक बने. 2015 के चुनाव में भी आप के दिनेश मोहनिया ने लगातार दूसरी जीत हासिल की थी.

    दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार बनने के बाद से कई तरह की सुविधाएं तो मिल गईं, लेकिन पीने के पानी के लिए हमे आज भी लड़ाईयां लड़नी पड़ती हैं. यह ये कहें कि पानी के लिए खून बहाना पड़ता है तो गलत नहीं होगा. 2018 में इसी इलाके में किशन भड़ाना नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वजह वो ही पानी का विवाद था. अब तो पानी के नाम पर डर लगने लगा है. यह कहना है संगम विहार में रह रहे मुहम्मद हनीफ का.



    न्यूज18 हिन्दी को मुहम्मद हनीफ ने बताया कि पीने के पानी की यहां बड़ी समस्या है. 2014 में तो पानी के लिए प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने गुस्से में आकर विधायक के थप्पड़ मार दिया था. ऐसा नहीं है कि आम जनता पानी के लिए आवाज़ नहीं उठाती है. कई बार नेताओं के साथ मिलकर आवाज़़ उठाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है. यहां तक की पिछले महीने ही एक नेताजी जौली के साथ मिलकर हमने गंदा पानी दिखाया था. लेकिन क्या हुआ, अब गंदा पानी भी नहीं आ रहा है.

    पीने के पानी की पूछो तो वो आता नहीं है. अब अगर सीवर के गंदे पानी की बात करों तो उसका सड़क पर बहना बंद नहीं होता है. सच पूछो तो हमारा पूरा वक्त पानी की जद्दोजहद में ही बीतता है. अभी पिछले साल ही हल्की सी बारिश में बांध रोड वाली सड़क पर पानी भर गया. पानी इतना हो गया कि सड़क ही दिखनी बंद हो गई. तभी सामने से एक बाइक पर धीरे-धीरे सड़क तलाशता हुआ आ रहा था, इसी दौरान वह गिर गया. परेशानियों का यह दर्द है रिंकू शर्मा का.



    रिंकू ने न्यूज18 हिन्दी को बताया कि संगम विहार के मंगल बाज़ार रोड, तिगरी मेन रोड की बात करों तो वहां पर नाली का गंदा पानी पूरे साल बहता रहता है. सीवर ही नहीं नालियां भी उफनती रहती हैं. हालांकि पिछले कुछ समय से देवली से आने वाले रोड पर सीवर और पीने के पानी की लाइन डाली जा रही हैं, लेकिन अभी तक यह नहीं पता है कि उनका काम कब तक पूरा होगा और क्या उसका फायदा संगम विहार को भी मिलेगा या नहीं.

    (प्रतीकात्मक फोटो.)


    उम्मीद है सुधरेंगे यह हालात

    साउथ दिल्ली में होने के कारण भी संगम विहार में पूरी तरह विकास नहीं हुआ है. संगम विहार में बहुत सी समस्यायें हैं जिनसे यहां की जनता परेशान है. सबसे ज्यादा परेशानी अंदर के ट्रांसपोर्ट की है जिसके चलते सड़कों की हालात बहुत ही खराब है. कई जगह गड़डे खोदे गए हैं जो महीनों बाद नहीं भरे गए हैं. सड़कों पर जाम की स्थिति बहुत ही बुरी है.

    Congress (Demo Pic)


    सियासी नज़र में संगम विहार

    संगम विहार विधानसभा बनने के साथ ही पहला बीजेपी तो दूसरा-तीसरा चुनाव आप ने जीता था 2015 के चुनाव में मोहनिया नें बीजेपी उम्मीदवार शिव चरण लाल गुप्ता को हराया था. मोहनिया को इस चुनाव में 72131 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी उम्मीदवार को 28143 वोट हासिल हुए थे. जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार विशन स्वरुप अग्रवाल को इस चुनाव में 3423 वोट मिले और वो तीसरे स्थान पर रहे. साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में यहां 66.68 फीसदी वोट डाले गए थे.

    BJP (Demo Pic)


    संगम विहार में कुल वोटर्स की संख्या

    संगम विहार चुनाव क्षेत्र में कुल वोटर्स की संख्या 164019 है. इसमे महिला वोटर की संख्या 66547 और पुरुष वोटर्स की संख्या (97459) है. 2019 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी केवल 18.1 फीसदी वोट पा सकी तो बीजेपी 56.5 फीसदी मत पाने में कामयाब रही. कांग्रेस के वोट शेयर में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उसे 22.5 फीसदी वोट मिले थे.

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