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दिल्ली में कांग्रेस के हाथ में लालू यादव की 'लालटेन', बिहारी मतदाताओं को साधने की कोशिश!

Amitesh | News18India
Updated: January 17, 2020, 6:52 PM IST
दिल्ली में कांग्रेस के हाथ में लालू यादव की 'लालटेन', बिहारी मतदाताओं को साधने की कोशिश!
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन हो गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगा. पूर्वांचल और बिहारी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पार्टी ने कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन किया है, जिसका असर बिहार (Bihar) में भी दिखेगा.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 6:52 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) का गठबंधन हो गया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से आरजेडी 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पूर्वांचल और बिहार के मतदाताओं (Bihari voter) के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीटें आरजेडी के खाते में गई हैं. आरजेडी दिल्ली की बुराड़ी, करावलनगर, उत्तम नगर और पालम सीट से चुनाव लड़ेगी. सूत्रों के मुताबिक सम्मानजनक समझौते के तहत आरजेडी अपने लिए एक और सीट मांग रही है. आरजेडी तिमारपुर की सीट भी कांग्रेस से मांग रही है.

दोनों दलों को फायदे की उम्मीद
दरअसल, आरजेडी की तरफ से दिल्ली की 70 में से 7 सीटों की मांग की जा रही थी. आरजेडी ने जो फॉर्मूला दिया था उसके मुताबिक पार्टी ने 10 फीसदी सीटों पर दावा किया था. लेकिन लगातार बातचीत के बाद 4 सीटों पर सहमति बन गई. आरजेडी सूत्रों के मुताबिक एक से दो दिन के अंदर समझौते का ऐलान कर दिया जाएगा. आरजेडी की तरफ से अभी इस पर ऐलान नहीं किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस को दिल्ली के बिहारी और पूर्वांचली वोटरों की अहमियत का अंदाजा है. News 18 से बात करते हुए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि आरजेडी हमारी सहयोगी है. हो सकता है दिल्ली के लिए उनके साथ गठबंधन हो जाए. सुभाष चोपड़ा ने गठबंधन से दिल्ली में फायदा होने की उम्मीद जताई.

गठबंधन का असर दूर तक दिखेगा

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'पूरा पूर्वांचल इस बात को मानता है कि हम पूर्वांचल के लोगों के साथ हैं और हम पूर्वांचलियों को अहमियत दे रहे हैं.' बहरहाल, इस गठबंधन का असर बिहार तक भी दिख सकता है. झारखंड में कांग्रेस और जेएमएम के साथ चुनाव लड़ने और सरकार में शामिल होने के बाद अब आरजेडी, दिल्ली में भी कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने जा रही है. ऐसे में बिहार में भी कांग्रेस के उन नेताओं को झटका लग सकता है, जो बिहार में आरजेडी से अलग होकर चुनाव लड़ने का सपना देखते रहे हैं. इस मुद्दे पर हालांकि आरजेडी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, बिहार में महागठबंधन की सहयोगी पार्टी रालोसपा ने समझौते का स्वागत किया है. News 18 से बात करते हुए रालोसपा के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा कि समान विचारधारा के लोग अगर मिलकर लड़ते हैं तो महागठबंधन को सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा, पहले झारखंड, फिर दिल्ली में सफलता मिलेगी. इसका फ़ायदा बिहार में भी होगा.

25 फीसदी वोट की राजनीति
दरअसल, दिल्ली में पूर्वांचल के मतदाताओं की तादाद 25 फीसदी से भी ज्यादा है. कई सीटों पर हार और जीत का फैसला सीधे पूर्वांचल के वोटर ही तय करते हैं. यही वजह है कि सभी दलों की तरफ से इन पर डोरे डाले जाते रहे हैं. पिछले चुनाव में अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP की जीत में बिहारी और पूर्वांचल के मतदाताओं का योगदान काफी ज्यादा था. उसके बाद से ही सभी पार्टियों की कोशिश इन मतदाताओं को लुभाने की है. कांग्रेस की कोशिश भी आरजेडी के सहारे बिहारी मतदाताओं को साधने की है.ये भी पढ़ें -

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First published: January 17, 2020, 6:50 PM IST
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