Delhi Monsoon Session: 29 जुलाई से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, BJP ने सत्र से पहले कही अध्यक्ष के लिए ये बड़ी बात!

मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाने की मांग की है.

Delhi Assembly Monsoon Session: दो दिवसीय मॉनसून सत्र के शुरू होने से पहले दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाने की मांग की है. मॉनसून सत्र से पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की 26 जुलाई को बैठक बुलाने की मांग विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखकर की है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) 29 और 30 जुलाई को बुलाया गया है. दो दिवसीय मॉनसून सत्र के शुरू होने से पहले दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी (Ramvir Singh Bidhuri) ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाने की मांग की है.

    मॉनसून सत्र से पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की 26 जुलाई को बैठक बुलाने की मांग विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल (Ram Niwas Goyal) को पत्र लिखकर की गई है.

    विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में बिधूड़ी ने इस बात पर खुशी जाहिर की है कि लंबे समय बाद दो दिन के इस सत्र में प्रश्नोत्तर काल की व्यवस्था की गई है. मगर, उन्होंने शिकायत की है कि विधानसभा सत्र (Assembly Session) बुलाने के नोटिस के बाद सदस्यों को सदन में पूछे जाने वाले प्रश्नों को तैयार करने के लिए बहुत कम समय मिला है.

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    उन्होंने कहा है कि दिल्ली केबिनेट न जाने क्यों सत्र बुलाने की सूचना देने में इतना कम समय देती है. यही नहीं, सत्र बुलाने का एजेंडा भी ज्ञात नहीं होता. ऐसा लगता है कि सरकार के पास सदन में पेश करने के लिए कोई विधेयक या कोई और महत्वपूर्ण कार्य नहीं है.

    चर्चा के विषयों के बारे में सदस्यों को पहले से नहीं किया जाता सूचित
    बिधूड़ी ने कहा कि ऐसा अक्सर देखने में आ रहा है कि चर्चा के विषयों के बारे में सदस्यों को पहले से सूचित नहीं किया जाता. यह विधानसभा सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन है क्योंकि उन्हें बहस में भाग लेने और उपयोगी योगदान देने का पूरा मौका ही नहीं मिल पाता.

    इसके अलावा भाजपा के सदस्य चर्चा के लिए जिन विषयों के नोटिस देते हैं, उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है जबकि आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) के सदस्यों के नोटिसों का चयन हो जाता है.

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    सत्र से पहले होती है कार्य मंत्रणा समिति की बैठक 
    बिधूड़ी ने याद दिलाया है कि विधानसभा अध्यक्ष सदन के हर सदस्य के हितों के संरक्षक होते हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह परंपरा रही है कि प्रत्येक सत्र से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होती है. इसी बैठक में सदन में होने वाली कार्यवाही और समय तय किया जाता है. यह अफसोस की बात है कि इस परंपरा का निर्वाह नहीं किया जा रहा.

    विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले न तो कार्य मंत्रणा समिति की कोई मीटिंग होती है और न ही विपक्ष के सदस्यों के साथ कोई सलाह-मश्वरा किया जाता है.

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    26 जुलाई को बुलाई जाये कार्य मंत्रण समिति की बैठक
    उन्होंने सुझाव दिया है कि 26 जुलाई को कार्य मंत्रण समिति की बैठक बुलाई जाए जिसमें सरकार जिन विषयों पर बात करना चाहती है. उस पर चर्चा हो और यह भी तय हो कि चर्चा के लिए प्राप्त नोटिसों में से किन्हें चर्चा के लिए चुना गया है. बिधूड़ी ने यह मांग भी की कि सत्र की अवधि कम से कम तीन दिन और बढ़ाई जाए ताकि सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके.

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