दिल्ली बीजेपी ने CM केजरीवाल पर साधा निशाना, कहां डकार गए बजट का 60 हजार करोड़ रुपया?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Delhi BJP President Aadesh Gupta) ने कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) को तीनों नगर निगमों को 13,500 करोड़ रुपए देने हैं, पूरे तथ्यों के साथ वो तीसरे और चौथे डीएफसी का पैसा है. निगमों के लिए स्वीकृत राशि उनका हक है, दिल्ली सरकार वो उन्हें नहीं दे रही है

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  • Last Updated: October 28, 2020, 4:55 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Delhi BJP President Aadesh Gupta) ने नगर निगम के कर्मचारियों और उत्तर दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित अस्पतालों के डॉक्टरों की लंबित वेतन के मुद्दे पर दिल्ली सरकार (Delhi Government) को कठघरे में खड़ा किया है. उन्होंने पूछा कि दिल्ली सरकार का 60 हजार करोड़ रुपए का बजट है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) हिसाब दें कि बजट का पैसा अभी तक दिल्लीवासियों के हितों में कहां और कितना खर्च हुआ? उन्होंने सवाल पूछा कि क्या पिछले छह वर्षों में एक भी नया कॉलेज, स्कूल, सड़क, हाईवे बनाया गया?

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार को तीनों नगर निगमों को 13,500 करोड़ रुपए देने हैं, पूरे तथ्यों के साथ वो तीसरे और चौथे डीएफसी का पैसा है. निगमों के लिए स्वीकृत राशि उनका हक है, दिल्ली सरकार वो उन्हें नहीं दे रही है. निगमों के लिए शीला दीक्षित सरकार के समय जो ग्लोबल शेयर 17.6 प्रतिशत का था, केजरीवाल सरकार ने उसे घटाकर 12.5 प्रतिशत की घोषणा कर 10 प्रतिशत कर दिया, और कोरोना संकट में उस 10 प्रतिशत से भी 57 प्रतिशत की कटौती की. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का नगर निगम राज्य सरकार से जुड़ा होता और उनसे ही संवैधानिक बाध्यता होती है. डीएमसी एक्ट भी कहता है कि नगर निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर दिल्ली सरकार को उनकी वित्तीय सहायता करना अनिवार्य है. यह दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है लेकिन वो अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है. बजट का 60 हजार करोड़ खर्च कहां हो रहा है. असल में मुख्यमंत्री केजरीवाल के प्रचार-प्रसार के लिए खर्च हो रहा है. जिन निगम के कर्मचारियों के कामों का क्रेडिट मुख्यमंत्री केजरीवाल ले रहे हैं, उनके लिए ही वो वेतन का पैसा जारी नहीं कर रहे हैं.

क्या दिल्ली सरकार लोगों से सिर्फ राजस्व वसूलने के लिए है?



दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पर केंद्र सरकार खर्च करती है, दिल्ली में मेट्रो, सड़क, हाईवे पर बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार खर्च करती है, दिल्ली विकास प्राधिकरण के सोसाइटी, पार्क, घरों पर सीधा खर्च केंद्र सरकार करती है, दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों पर केंद्र सरकार खर्च करती है, दिल्ली में विकास योजनाओं पर भी केंद्र सरकार खर्च करती है, यहां तक कि दिल्ली के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और उनके तमाम मंत्रियों की सुरक्षा पर भी सारा पैसा केंद्र सरकार खर्च करती है, तो क्या दिल्ली सरकार सिर्फ राजस्व वसूलने के लिए है.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आदर्श नगर में मृतक राहुल के परिवार से मिलकर संवेदनाएं प्रकट की.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम कर्मचारियों के लंबित वेतन के लिए फंड जारी नहीं कर दिल्ली सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है (फाइल फोटो)


उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है, जो बहुत ही अनुचित है. यह दिल्ली की जनता और नगर निगम कर्मचारियों के साथ अन्याय है. दिल्ली सरकार से विनम्र निवेदन है कि राजनीति ना करें और कोरोना वॉरियर्स डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी, डीबीसी वर्कर ने कोरोना काल के समय जान की परवाह किए बगैर ही दिल्लीवासियों की सेवा की, उन्हें प्रताड़ित न करें. नगर निगमों को परेशान कर दिल्ली सरकार उन गरीब-जरूरतमंद लोगों को भी परेशान कर रही है जो निगमों के स्कूल, अस्पताल और अन्य विभागों पर निर्भर रहते हैं.



गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासी इस बात से भी परेशान हैं कि उन्हें भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं और लगभग 50 हजार लोगों के घर अभी तक बिजली का मीटर नहीं लगा है. मीटर लगाने के लिए बिजली कंपनियां लोगों से लाखों की रिश्वत मांग रही है. इतना ही नहीं बिजली कंपनियां धमकी दे रही हैं कि अगर रिश्वत नहीं दी तो रिपोर्ट में यह लिखा जाएगा कि आपके घर की ऊंचाई 1-2 इंच ज्यादा है. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बिजली कंपनियों को दिल्लीवासियों को लूटने की छूट दे रखी है? मुख्यमंत्री केजरीवाल बजट का 60 हजार करोड़ रुपया कहां डकार गए?
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