दिल्ली: शराब पीने की उम्र घटाने पर कांग्रेस ने किया पोस्टर जारी, सभी वार्डों में कराएगी जनमत संग्रह

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सरकार द्वारा जारी शराब की दुकानों के आंकड़ो पर भी सवाल उठाए.

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सरकार द्वारा जारी शराब की दुकानों के आंकड़ो पर भी सवाल उठाए.

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सरकार द्वारा जारी शराब की दुकानों के आंकड़ो पर भी सवाल उठाए. लांबा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानों को बंद करने के बजाए उनका निजीकरण करने का फैसला किया है लेकिन यहां भी एक बड़ा खेल है.

  • News18India
  • Last Updated: March 24, 2021, 1:23 AM IST
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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है. पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अलका लांबा ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को 'दिल्ली का मजीठिया' बता डाला. कांग्रेस ने एक पोस्टर जारी किया जिस पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी के सिसोदिया ही मजीठिया, दिल्ली को बनाया नशे की राजधानी'. साथ ही कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सभी वार्डों में जनमत संग्रह कराने का ऐलान किया.

दिल्ली में नई शराब की नीति पर कांग्रेस नेता अलका लांबा ने आज प्रदेश दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि 'नई एक्साइज पॉलिसी के विरोध में दिल्ली कांग्रेस दिल्ली के सभी वार्डों में जनमत संग्रह कराएगी और लोगों से उनकी राय लेगी कि उनके वार्ड में शराब के नए दुकान खोलने चाहिए या नहीं. अगर लोग शराब की दुकान खोलने के लिए मना करते हैं तो दिल्ली कांग्रेस किसी भी कीमत पर दिल्ली सरकार को शराब की नई दुकानें नहीं खोलने देगी.'

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सरकार द्वारा जारी शराब की दुकानों के आंकड़ो पर भी सवाल उठाए. लांबा ने कहा कि 'दिल्ली दिल्ली में 850 जगहों पर शराब बेचने और पीने का लाइसेंस दिया गया है जो पूरी तरह गलत है. अगर दिल्ली सरकार की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने 850 नहीं बल्कि 1845 जगहों पर शराब बेचने और पीने का लाइसेंस दिया है. दिल्ली सरकार ने शराब की दुकानों को बंद करने के बजाए उनका निजीकरण करने का फैसला किया है. लेकिन यहां भी एक बड़ा खेल है. जो बड़े-बड़े उद्योगपति शराब की दुकानों का ठेका लेंगे, उन्होंने सरकार के सामने कई शर्ते रखी थी. जिनमें एक शर्त यह भी थे कि शराब की बिक्री बढ़ाई जाए. जिसके बाद दिल्ली सरकार ने शराब पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने का फैसला किया है.'

पूर्व विधायक लांबा ने आगे बताया कि दिल्ली सरकार यह कह रही है कि दिल्ली के 80 वार्ड में शराब के ठेके नहीं है जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है. मनीष सिसोदिया यह बताएं कि अब तक दिल्ली सरकार को कितनी राजस्व का नुकसान हुआ है. जब वार्ड में शराब के ठेके नहीं थे तो वहां शराब की आपूर्ति कैसे हो रही थी. दिल्ली सरकार शराब के दुकानों के निजीकरण की बात करती है लेकिन सरकार का मुख्य मकसद लोगों को शराब पिलाकर अपना राजस्व बढ़ाना है.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने अपनी नई शराब नीति की घोषणा की. जिसमें शराब खरीदने और पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल कर दी गयी. साथ ही ऐलान किया गया कि सरकार अब शराब की दुकान नहीं चलाएगी. अपनी 60 फीसदी शराब की दुकानों का निजीकरण करेगी.
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