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किसान ट्रैक्टर रैली का जगह-जगह स्‍वागत करेगी कांग्रेस, कुछ इस तरह की है तैयारी

26 जनवरी को दिन के 12 बजे के बाद किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत मिली. (फाइल फोटो)
26 जनवरी को दिन के 12 बजे के बाद किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत मिली. (फाइल फोटो)

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली (Kisan Tractor Rally) के रूट पर जगह-जगह मंच बनाकर रैली का स्वागत करेंगे. इन सभी मंचों की अगुवाई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 10:33 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस (Delhi Pradesh Congress) के कार्यकर्ता कल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली (Kisan Tractor Rally) के रूट पर जगह-जगह मंच बनाकर रैली का स्वागत करेंगे. इन सभी मंचों की अगुवाई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार करेंगे.

प्रदेश अध्यक्ष स्वयं भी एक प्वाइंट पर किसानों के समर्थन में कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर ट्रैक्टर रैली का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि कृषि कानून को वर्तमान रुप में लागू किया जाता है तो सम्पूर्ण कृषि उत्पादों को भाजपा सरकार के सहयोग से चुनिंदा कॉर्पोरेट्स द्वारा खरीदकर बेचा जाएगा.





उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से किसान दिल्ली के बार्डरों पर कृषि कानूनों के विरोध में हड्डी गलाने वाली कड़कड़ाती ठंड में तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. लेकिन मोदी सरकार सुनने को तैयार नहीं है. अब तक 100 से ज्यादा किसान अपनी जान गवांं चुके हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार कानून रद्द नहींं कर रही है. केवल बातचीत करने के नाम पर किसानों को बेवकूफ बना रही है, जबकि किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुये हैं.

कुमार ने कहा कि ट्रैक्टर रैली किसानों की पीड़ा और तीन कृषि कानूनों पर चिंता देश के किसानों की एक बड़ी आवाज साबित होगी। कृषि कानून केवल कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट्स को लाभ पहुॅचाने के लिए बनाया गए हैं, और कृषि क्षेत्र निजी क्षेत्र को सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) ने पहले ही लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों का विनिवेश कर दिया है, जिन पर कई वर्षों से योजना के तहत कुछ पसंदीदा लोगों को दिया गया है.

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को भी उसी तर्ज पर मोदी सरकार ने अपने चुनिंदा कॉर्पारेट्स को लाभ पहुचाने के लिए तीन कृषि कानूनों को अमली जामा प्रारुप तैयार किया गया है। लेकिन देश के किसान केंद्र को इसमें सफल नहीं होने देंगे.

उन्होंने कहा कि अरविंद सरकार, जो राजधानी में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए किसानों को दोषी ठहरा रही है, और विधानसभा के विशेष सत्र में तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) में से एक का समर्थन किया था, हकीकत में, किसानों के विरोध के प्रति ‘झूठी’ सहानुभूति दिखाते हुए एक किसानों को गुमराह करने का खेल खेल रहे है.

अनिल कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) भाजपा (BJP) की सिर्फ बी टीम के रुप में काम करती है और सिर्फ दिखावें के लिए किसान विरोधी कानूनों का समर्थन कर रही है. कांग्रेस किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और जब तक तीनों किसान विरोधी कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक किसानों को समर्थन जारी रहेगा.
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