दिल्ली में कोविड कोच में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज शुरू, पहले दिन 15 मरीज हुए भर्ती

रेलवे की तरफ से दिल्ली को 503 कोविड कोच दिए गए हैं. एक कूपे में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज किया जा सकेगा (फाइल फोटो)
रेलवे की तरफ से दिल्ली को 503 कोविड कोच दिए गए हैं. एक कूपे में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज किया जा सकेगा (फाइल फोटो)

दिल्ली के शकूर बस्ती में रखे गए कोविड कोच से इसकी शुरुआत की गई है. यहां बुधवार से मरीजों को एडमिट किया जा रहा है. पहले दिन लगभग 15 मरीजों को कोविड ट्रेन में इलाज के लिए लाया गया

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मऊ के बाद अब दिल्ली (Delhi) में भी कोविड कोच (Covid Coach) में कोरोना के मरीजों का इलाज शुरू हो गया है. इसकी शुरुआत शकूर बस्ती में रखे गए कोविड कोच से की गई है. यहां बुधवार से मरीजों को एडमिट किया जा रहा है. पहले दिन लगभग 15 मरीजों को कोविड ट्रेन में इलाज के लिए लाया गया. जून के पहले सप्ताह से ही शकूर बस्ती कोच केयर सेंटर पर कोविड कोच मरीजों के इंतजार में खड़ी थी. फिर आनंद विहार रेलवे स्टेशन (Anand Vihar Railway Station) पर भी 16 जून को कोविड ट्रेनें लगाई गईं और यहां से ट्रेन सर्विस और ऑपरेशन बंद कर दिया गया. लेकिन कोविड कोच में गर्मी की वजह से दिल्ली में इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया था. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने इन कोच में भीषण गर्मी का जिक्र किया था.

रेलवे की तरफ से दिल्ली सरकार को 503 कोविड कोच दिए गए हैं. ये कोच दिल्ली के नौ स्टेशनों पर रखे गए हैं. फिर रेलवे ने इन कोविड कोच पर खास तरह की कोटिंग और कवर लगाकर इसके अंदर गर्मी के असर को कम करने के उपाय किए. इसके बाद ही इन कोच का इस्तेमाल शुरू हो पाया है. बता दें कि दिल्ली सरकार को जो 503 कोच दिए गए हैं उनमें आठ हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा सकता है.

दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर मौजूद कोविड कोच में इलाज के लिए एंबुलेंस से लाया जाता पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज




रेलवे ने तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर पांच हजार से ज्यादा स्लीपर क्लास के कोच को कोविड पेशेंट के इलाज के लिए कोविड कोच में तब्दील किया है. दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट जैसे राज्यों को रेलवे ने कोविड कोच उपलब्ध कराए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इनमें कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा सके.
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