• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • निर्भया केस: कोर्ट में नहीं चला मुकेश का पैंतरा, मौत की सजा रोकने वाली याचिका खारिज

निर्भया केस: कोर्ट में नहीं चला मुकेश का पैंतरा, मौत की सजा रोकने वाली याचिका खारिज

सुनवाई के दौरान पुलिस ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया. (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया मामले के दोषी मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका में दोषी मुकेश ने दावा किया था इस घटना के वक्त वो दिल्ली में मौजूद नहीं था.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया मामले (Nirbhaya Gangrape) के दोषी मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में दोषी मुकेश ने दावा किया था इस घटना के वक्त वो दिल्ली में मौजूद नहीं था. उसने मौत की सजा को रोकने की मांग की थी. बता दें कि इस मामले में दोषी मुकेश ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से भी गुहार लगाई है. उसने एक याचिका दाखिल की है. इस याचिका में फांसी की सजा को टालने की मांग की गई है. इस बार फांसी की सजा टालने के लिए मुकेश ने कहा है कि जेल में राम सिंह की मौत का गवाह है और उसकी हत्या की गई थी.

    मुकेश का दावा है कि इस मामले की जांच सही तरीके से नहीं हुई है, इसलिए पहले इसकी जांच हो, उसके बाद ही उसे सजा दी जाए. दोषी मुकेश की ओर से वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता एमएल शर्मा ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल की है. मुकेश ने अपनी याचिका में कहा कि 17 दिसंबर 2012 को उसे दिल्ली पुलिस राजस्थान से लाई थी. ऐसे में वह 16 दिसंबर को दिल्ली में नहीं था.



    आरोपी ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
    गौरतलब है कि राम सिंह की मौत तिहाड़ जेल में हुई थी. बताया गया था कि उसने खुद फांसी लगा कर आत्महत्या की थी. लेकिन मुकेश का कहना है कि उसकी हत्या हुई थी और वह उस हत्या का गवाह है. दरअसल, दोषी मुकेश का कहना है कि इस मामले में एक आरोपी राम सिंह की जेल में हत्या हुई थी. वह इस मामले में गवाह है. उसका कहना है कि राम सिंह की हत्या की जांच ठीक से नहीं हुई है. इसलिए उस मामले की पहले जांच हो. जिसके बाद ही उसे फांसी दी जाए.

    अंतरराष्ट्रीय अदालत का खटखटा चुके हैं दरवाजा
    इससे पहले निर्भया गैंगरेप मामले में तीन दोषियों ने फांसी के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दरवाजा भी खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद पवन, अक्षय और विनय की ओर से उनके वकील एपी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय अदालत को न्याय दिलाने के लिए पत्र लिखा था. इस पत्र में 20 मार्च को होने वाली फांसी पर रोक लगाने की मांग की गई है.

    ये भी पढ़ें: 

    बेनतीजा साबित हुई सड़क खोलने के लिए दिल्ली पुलिस की पहल, आंदोलनकारियों ने कही ये त

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज