INX मीडिया केस: दिल्ली की अदालत ने स्विट्जरलैंड से मिले दस्तावेजों की जांच की दी अनुमति

पी चिदंबरम (फाइल फोटो)

पी चिदंबरम (फाइल फोटो)

विशेष न्यायाधीश एम.के नागपाल ने एजेंसी को गोपनीय प्रारूप में संग्रहित डाटा को कागजात में शामिल करने की भी अनुमति दे दी, ताकि मामले की रोजाना की जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके. अदालत ने कहा, ‘हालांकि, सभी जरूरी एहतियात बरतते हुए डाटा की प्रति तैयार की जाएगी और कानून के तहत साक्ष्य (सबूत) के लिए इसे तैयार करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 9, 2021, 3:05 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) से जुड़े आईएनएक्स मीडिया (INX Media) के कथित भ्रष्टाचार मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है. अदालत ने अनुरोध पत्र की तामील पर स्विट्जरलैंड (Switzerland) से मिले कुछ दस्तावेजों की जांच करने के लिए सीबीआई को अनुमति दे दी है. विशेष न्यायाधीश एम.के नागपाल ने एजेंसी को गोपनीय प्रारूप में संग्रहित डाटा को कागजात में शामिल करने की भी अनुमति दे दी, ताकि मामले की रोजाना की जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके. सीबीआई ने अगस्त 2019 में पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद एजेंसी ने चिदंबरम और 13 अन्य के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया था.

अदालत ने कहा, ‘हालांकि, सभी जरूरी एहतियात बरतते हुए डाटा की प्रति तैयार की जाएगी और कानून के तहत साक्ष्य (सबूत) के लिए इसे तैयार करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो.’ सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के दौरान एजेंसी के आग्रह पर अदालत द्वारा 13 जुलाई, 2018 को स्विट्जरलैंड के सक्षम प्राधिकार के लिए जारी अनुरोध पत्र में स्विट्जरलैंड से मामले की जांच में कानूनी सहयोग के लिए कहा गया था.

Youtube Video


सीबीआई ने अगस्त 2019 में पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद एजेंसी ने चिदंबरम और 13 अन्य के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया था. सीबीआई ने चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2007 में 305 करोड़ रुपये का कोष मिलने के संबंध में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में कथित अनियमितता के लिए 15 मई, 2017 को एक मामला दर्ज किया था. अदालत के आदेश के बाद सीबीआई को स्विट्जरलैंड से मिले दस्तावेज की जांच की अनुमति मिलने से इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगने की उम्मीद है. (भाषा से इनपुट)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज