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Delhi Court : जब वीडियो कॉन्‍फ्रेंस पर रेप पीड़िता ने जज को बताया- मुझे पुलिसवाले जबरन ACP ऑफिस लाए हैं

Delhi Court : जब वीडियो कॉन्‍फ्रेंस पर रेप पीड़िता ने जज को बताया- मुझे पुलिसवाले जबरन ACP ऑफिस लाए हैं

शिकायतकर्ता महिला ने एसीपी ऑफि‍स से ही वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये जज को बताया कि पुलिसवाले दबाव बनाने के मकसद से उसे जबरन यहां लाए हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

शिकायतकर्ता महिला ने एसीपी ऑफि‍स से ही वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये जज को बताया कि पुलिसवाले दबाव बनाने के मकसद से उसे जबरन यहां लाए हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

Delhi Court : रेप पीड़िता की शिकायत पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने सहायक पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा कि शिकायतकर्ता पर किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जा रहा है. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि “एसीपी से रिपोर्ट मांगी जाए कि शिकायतकर्ता को किन कारणों से एसीपी कार्यालय में बुलाया गया है और आगे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने के उसके दावे सही हैं या नहीं.

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    नई दिल्‍ली : दिल्‍ली की एक अदालत (Delhi Court) ने उस वक्‍त दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के एक एसीपी से रिपोर्ट तलब कर ली, जब पुलिसवाले पर रेप का आरोप लगाने और एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार करने के मकसद से उसे ‘‘हनी ट्रैप’’ (Honey Trap) के लिए इस्तेमाल करने की शिकायतकर्ता महिला ने एसीपी ऑफि‍स से ही वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये जज को बताया कि पुलिसवाले दबाव बनाने के मकसद से उसे जबरन यहां लाए हैं. कोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि जांच एजेंसी कानून की उचित प्रक्रिया के दायरे से बाहर खुद को चला नहीं कर सकती है. कोर्ट ने संबंधित एसीपी से शिकायतकर्ता महिला के आरोप के बाबत तथ्‍य जानने के लिए रिपोर्ट तलब की.

    महिला ने वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी (Lawyer and Social Activist Amit Sahni) के जरिए कोर्ट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. मेट्रोपॉलिटन मजिस्‍ट्रेट वैभव चौरसिया के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान रेप पीड़िता अपने वकील अमित साहनी के माध्‍यम से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए से पेश हुई और उसने आरोप लगाया कि उसे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के कार्यालय में बुलाया गया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है. उसने बताया कि वह किसी तरह से एसीपी दफ्तर से ही यह वीडियो कॉन्‍फ्रेंस कर पा रही है. उसने दावा किया कि आरोपी सिपाही उस पर शिकायत को वापस लेने का दबाव बना रहा है.

    उसकी शिकायत पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने सहायक पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा कि शिकायतकर्ता पर किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जा रहा है. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि “एसीपी से रिपोर्ट मांगी जाए कि शिकायतकर्ता को किन कारणों से एसीपी कार्यालय में बुलाया गया है और आगे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने के उसके दावे सही हैं या नहीं. यह निर्देश दिया जाता है कि जांच एजेंसी कानून की उचित प्रक्रिया के दायरे से बाहर खुद को संचालित नहीं कर सकती है.”

    उल्‍लेखनीय है कि महिला ने वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी के जरिए दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने उसे परेशान करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ नवंबर 2020 में पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक शिकायत की थी, तभी वह हेड कांस्टेबल के संपर्क में आई थी.

    पीड़िता ने कहा कि हेड कांस्टेबल उस समय शाहबाद डेयरी पुलिस थाने में तैनात था. हेड कांस्टेबल ने महिला के साथ समय बिताना शुरू किया और बाद में उसे विवाह का प्रस्ताव दिया. शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि नवंबर 2020 में पूट खुर्द स्थित अपने आवास में पुलिसकर्मी ने महिला के साथ जबरन यौन संबंध बनाए और वह 2021 में भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा.

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    महिला ने अदालत को बताया कि पुलिसकर्मी ने एक वांछित अपराधी पंकज सूरा से संपर्क करने के लिए एक सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया और अपराधी से 2021 में फोन पर और वीडियो कॉल के जरिए उसकी बात कराई.

    उसने कहा कि इस ‘हनी ट्रैप’ (Honey Trap) के कारण वांछित अपराधी को जून 2021 में गिरफ्तार कर लिया गया. उसने कहा कि जब वह अपराधी की मोटरसाइकिल पर थी, तब पुलिस अधिकारियों के कारण हुए एक हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इस दौरान उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया. महिला ने दावा किया कि पुलिस की मदद करने के कारण अपराधी के सहयोगी उसके दुश्मन बन गए और उस पर 25 जुलाई, 2021 को हमला किया गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

    महिला ने दावा किया कि वह आरोपी पुलिसकर्मी द्वारा यौन संबंध बनाए जाने के कारण गर्भवती हुई थी और आरोपी 10 जुलाई, 2021 को उसे किसी निजी अस्पताल लेकर गया था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी दुर्दशा की कई पुलिसकर्मियों को जानकारी थी, क्योंकि विभिन्न पुलिसकर्मी उसे उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में लेकर गए थे और उन्होंने भुगतान भी किया था.

    महिला ने दावा किया कि उसने इस संबंध में दिसंबर में बुद्ध विहार के थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया.

    Tags: Delhi Court, Delhi police

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