दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा शातिर गैंग, ED पूछताछ की फर्जी नोटिस से करते थे उगाही
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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा शातिर गैंग, ED पूछताछ की फर्जी नोटिस से करते थे उगाही
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले का खुलासा किया है.

आरोपियों ने पहले इंटरनेट से ईडी (ED) के पूछताछ की कॉपी निकाली. फिर कई नामी कारोबारियों को फर्जी नोटिस (Fake Notice) भेजा.

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  • Last Updated: August 28, 2020, 9:35 PM IST
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दिल्ली. केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ( Enforcement Directorate ) के नोटिस और सम्मन के नाम पर लाखों -करोड़ों रुपये उगाही करने वाले गैंग का एक मामला सामने आया है. इस मामले में तफ्तीश करने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Delhi crime Branch) को सौंपा गया. उसके बाद तत्काल क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इस गैंग के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों का नाम है - शादाब , नवीन , सुमित शर्मा , राहुल सिंह और जुनैद है . ये गैंग मुंबई और गुजरात के दर्जनों लोगों को चूना लगा चुका है.

कैसे करते थे फर्जीवाड़ा

केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी के निदेशक को कुछ दिनों पहले ही एक एनआरआई (NRI) महिला का खत मिला. इसमें इस बात की जानकारी दी गई कि उनके मुंबई में रहने वाले पिता प्रशांत दत्रातेय राव देव को कुछ लोग ईडी के नाम पर पूछताछ का नोटिस भेज रहे हैं. उसके बाद कुछ लोग संपर्क कर केस को खत्म करने के एवज में लाखों रुपये की डिमांड भी कर रहे हैं. इस मामले की जानकारी देते हुए महिला ने जांच की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी निदेशक ने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में क्राइम ब्रांच को जांच का जिम्मा सौंपा. क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विवेकानंद झा और उनकी टीम ने ये जांच शुरू की. क्राइम ब्रांच के अधिकारी के मुताबिक ये मामला काफी संवेदनशील था, लेकिन जांचकर्ताओं को कुछ जानकारी और सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुए. कोरोना संक्रमण काल के दौरान मास्क लगे होने की वजह से बदमाशों को पहचान करना और पकड़ना थोड़ा मुश्किल हो रहा था.



क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विवेकानंद झा और उनकी जांचकर्ता टीम के सदस्य लोकेन्द्र , संजय गुप्ता , मिन्टू को इस मामले को कई दिनों की मेहनत के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज खंगालनी. इस दौरान सीसीटीवी में एक आरोपी नवीन के रॉडो ब्रांड की घड़ी, उसके काट कटवाने का स्टाइल से कुछ इनपुट्स मिले. इसके बाद तफ्तीश के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों को खंगालने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. इसके बाद मामले में विस्तार से पूछताछ करने के बाद अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई है. जांच के दौरान मुख्य आरोपी नवीन और सुमित शर्मा ने क्राइम ब्रांच को इस मामले की जानकारी दी कि मुंबई और गुजरात के कई आरोपियों की पहचान करके उसको अपने जाल में वो और उसका गैंग फंसाता था. इसके बाद वो ईडी का नोटिस उसे भेजकर डराते थे. इसके बाद अपने दूसरे गुर्गों को उसके पास उगाही करता था.
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ईडी के नाम पर कैसे करता था फर्जीवाड़ा 

ईडी आज देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसियों में से एक है. इसलिए ईडी के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम देने का प्लान किया गया.  आरोपियों ने इंटरनेट से पूछताछ वाली नोटिस को निकालने के बाद उसको कॉपी किया. उसमें थोड़ा सा चेंज करके नोटिस को कई कारोबारियों को ये गैंग भेज रहा था. क्राइम ब्रांच के अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपी एक चर्चित कंपनी में काम करते थे.
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