हमारे पास डाटा की भरमार, लेकिन उसकी समझ से होगा दिल्ली का विकास: मनीष सिसोदिया

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि अनुरूप यह एडवांस प्लानिंग भी संभव होगी कि कितने इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी. योजना विभाग के अधिकारियों को इसकी गहरी समझ जरूरी है (फाइल फोटो)
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि अनुरूप यह एडवांस प्लानिंग भी संभव होगी कि कितने इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी. योजना विभाग के अधिकारियों को इसकी गहरी समझ जरूरी है (फाइल फोटो)

एडवांस डाटा एनालिसिस क्षमता विकास कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए डिप्टी सीएम सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि हमारे पास डाटा (Data) की भरमार होती है. लेकिन असली चीज तो उसकी समझ है. उसके विश्लेषण, रखरखाव और प्रसंस्करण की पद्धति ऐसी होनी चाहिए, जो हमें भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद करे

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:47 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा है कि आंकड़ों की बेहतर समझ से ही जनहित में बेहतर योजनाओं का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने दिल्ली (Delhi) के सर्वांगीण विकास के समस्त पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजना निर्माण के लिए डाटा एनालिसिस (Data Ananlysis) की अच्छी समझ विकसित करने पर बल दिया. दिल्ली सरकार (Delhi Government) के पदाधिकारियों के लिए सोमवार को एडवांस डाटा एनालिसिस क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू हुआ. इसका ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा कि हमारे पास डाटा की भरमार होती है. लेकिन असली चीज तो उसकी समझ है. उसके विश्लेषण, रखरखाव और प्रसंस्करण की पद्धति ऐसी होनी चाहिए, जो हमें भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद करे.

उन्होंने कहा कि अगर आज हमें यह पता लगाना हो एक साल की उम्र के कितने बच्चे दिल्ली में हैं तो हम आकलन कर पाएंगे कि छह साल बाद हमें स्कूलों में पहली कक्षा के लिए कितने क्लासरूम की जरूरत होगी. अगर हम आकलन करें कि आज पहली कक्षा में कितने बच्चे हैं और 12 साल बाद हमें बारहवीं की कितनी सीटों की जरूरत होगी, तो उस अनुरूप यह एडवांस प्लानिंग भी संभव होगी कि कितने इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी. योजना विभाग के अधिकारियों को इसकी गहरी समझ जरूरी है.

जरूरी हर डाटा हमारे योजना विभाग के पास होनी चाहिए



सिसोदिया ने कहा कि हमारे सभी विभाग, मंत्री और अधिकारी के लिए जरूरी हर डाटा हमारे योजना विभाग के पास होनी चाहिए. हमारे योजना विभाग के पास ऐसी सक्षम टीम हो जो हमारी जरूरत के अनुसार क्लीन डाटा दो घंटे के भीतर उपलब्ध करा सके. उन्होंने कहा कि अक्सर हम पॉलिसी फेल्योर की बात सुनते हैं. उसकी वजह यही होती है कि योजनाएं बनाते वक्त अधिकारियों को यह पता नहीं होता कि इसके लाभुक कितने लोग होंगे और कौन लोग होंगे. एडवांस डाटा एनालिसिस का यही काम है जो इन चीजों पर स्पष्टता बनाने में मदद करे. सिसोदिया ने कहा कि आप डाटा की जितनी अधिक गहराई में जाएंगे, आपको उतनी बेहतर योजना बनाने का अवसर मिलेगा.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद किन सेक्टरों की नौकरी में क्या बदलाव आया है, और किन सेक्टर में संभावना बढ़ी है, ऐसे डाटा भी काफी उपयोगी हैं. हमारे योजना विभाग को डाटा का एक्सपर्ट बनना होगा. सरकार के सभी विभागों को उनकी जरूरत के अनुसार क्लीन डाटा तत्काल उपलब्ध कराना आपकी बड़ी भूमिका है.

दिल्ली सरकार के योजना विभाग जुड़े 25 योजना और सांख्यिकी अधिकारियों के लिए यह क्षमता विकास कार्यक्रम एक सप्ताह चलेगा. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से यह प्रारंभ किया गया है. मनीष सिसोदिया ने सभी प्रतिभागी अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और प्रशिक्षकों के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से हमारे अधिकारियों को डाटा के सही उपयोग की दिशा मिलेगी.
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