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Delhi Election Result 2020: स्ट्रांग रूम में बढ़ाई गई EVM की सुरक्षा, आज होगी मतगणना
Delhi-Ncr News in Hindi

भाषा
Updated: February 11, 2020, 2:59 AM IST
Delhi Election Result 2020: स्ट्रांग रूम में बढ़ाई गई EVM की सुरक्षा, आज होगी मतगणना
मंगलवार सुबह से होगी मतगणना. (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली इलेक्शन रिजल्ट २०२० (Delhi Assembly Election Result 2020): दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह (Ranbir Singh) ने मतदान से एक दिन पहले कहा था कि सभी ईवीएमों का परीक्षण किया गया और वे फुलप्रूफ और छेड़छाड़ से परे हैं.

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नई दिल्ली. दिल्‍ली में विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) के लिए मतदान (Voiting) के बाद अब मंगलवार को नतीजे आएंगे. सभी पार्टियों ने चुनाव प्रचार में खूब जोर लगाया था. हालांकि ज्‍यादातर एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी (AAP) को बढ़त मिलते दिखाया गया था. अन्‍य पार्टियां भी अपनी जीत का दावा कर रही हैं.

दिल्ली विधानसभा के लिए शनिवार को मतदान हुआ था, जिसे आम आदमी पार्टी और भाजपा के मुकाबले के रूप में देखा गया. मतदान के बाद 593 पुरुष उम्मीदवारों और 79 महिला प्रत्याशियों की राजनीतिक तकदीर ईवीएम में कैद हो गयी. मतदान के करीब 24 घंटे बाद चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की कि अंतिम मतदान प्रतिशत 62.59 रहा, जो 2015 की तुलना में पांच फीसद कम है. आम आदमी पार्टी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा कि उसने आंकड़े संकलन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया.

मतगणना के लिए 33 पर्यवेक्षक होंगे
मतगणना केंद्र- पूर्वी दिल्ली के सीडब्ल्यूजी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, पश्चिम दिल्ली के एनएसआईटी, दक्षिणपूर्वी दिल्ली के मीराबाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और जी बी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मध्य दिल्ली में सर सी वी रमण आईटीआई, धीरपुर और उत्तरी दिल्ली के बवाना में राजीव गांधी स्टेडियम एवं अन्य स्थान हैं. अधिकारियों के अनुसार, मतगणना के लिए 33 पर्यवेक्षक होंगे. सुरक्षाकर्मियों ने स्ट्रांग रूमों की कड़ी निगरानी की, जहां इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनें रखी गयी हैं.

कैसा होता है स्ट्रांग रूम का सुरक्षा घेरा
स्ट्रांग रूम का मतलब है वो कमरा, जहां ईवीएम मशीनों को पोलिंग बूथ से लाकर रखा जाता है. उसकी सुरक्षा अचूक होती है. यहां हर कोई नहीं पहुंच सकता. इसकी सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से चाक-चौबंद रहता है. स्ट्रांग रूम की सुरक्षा चुनाव आयोग तीन स्तर पर करता है. इसकी अंदरूनी सुरक्षा का घेरा केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के जरिए बनाया जाता है. इसके अंदर एक और सुरक्षा होती है, जो स्ट्रांग रूम के भीतर होती है. ये केंद्रीय बल के जरिए की जाती है. सबसे बाहरी सुरक्षा घेरा राज्य पुलिस बलों के हाथों में होता है. दिल्ली में ये काम दिल्ली पुलिस का है.

फुलप्रूफ और छेड़छाड़ से परे हैंदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने मतदान से एक दिन पहले कहा था कि सभी ईवीएमों का परीक्षण किया गया और वे फुलप्रूफ और छेड़छाड़ से परे हैं. एक्जिट पोल्‍‍‍स में आप की आसान जीत का अनुमान लगाया गया है जो विकास के मुद्दे चुनाव में उतरी थी जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी भाजपा ने अपना प्रचार सीएए विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रवाद के इर्द-गिर्द समेट रखा था. 22 साल बाद सत्ता में पहुंचने के लिए आतुर भाजपा ने दिल्ली में आक्रामक प्रचार अभियान चलाया और स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री ने हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अपनी पार्टी के प्रचार की अगुवाई की.

स्ट्रांग रूम से काउंटिंग हॉल तक ईवीएम कैसे जाती हैं
इन सारे मानकों का पालन हर हाल में करना होता है. अगर काउंटिंग हॉल और स्ट्रांग रूम के बीच ज़्यादा दूरी है तो दोनों के बीच बैरकेडिंग होनी चाहिए. इसी के बीच से ही ईवीएम को काउंटिंग हॉल तक ले जाया जाएगा. वोटों की गिनती के दिन अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं. स्ट्रांग रूम से काउंटिंग हॉल तक ईवीएम ले जाने को रिकॉर्ड किया जाएगा. ताकि कोई गड़बड़ नहीं हो सके. स्ट्रांग रूम और काउंटिंग हॉल की लोकेशन को लेकर भी कई मानक हैं.

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First published: February 11, 2020, 2:58 AM IST
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