दिल्ली से ऑपरेट हो रहे 200 करोड़ के हवाला कारोबार का पर्दाफाश, ED ने जब्त किया 3.57 करोड़ कैश
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दिल्ली से ऑपरेट हो रहे 200 करोड़ के हवाला कारोबार का पर्दाफाश, ED ने जब्त किया 3.57 करोड़ कैश
प्रवर्तन निदशालय की छापेमारी में बरामद हुए तीन करोड़ 57 लाख रुपए

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम ने ई-वीजा (E-Visa) लगवाने वाले इस गैंग के बारे में जानकारी मिलते ही मामले की तफ्तीश शुरू कर दी. ईडी ने अपनी कार्रवाई में दिल्ली, गाजियाबाद इलाके के आठ लोकेशन पर छापेमारी (Raid) की. रेड के दौरान वहां से करीब तीन करोड़ 57 लाख रूपए बरामद हुए

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  • Last Updated: July 11, 2020, 10:45 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो वीजा (Indian e-visa Applications) लगवाने के मामले में फर्जीवाड़े को अंजाम देता था. इस मामले में वो खास तौर पर विदेशियों (Foreign Remittances) को अपना शिकार बनाता था. ईडी ने फेमा कानून (FEMA Act) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है. बताया जाता है कि पिछले कुछ महीनों के अंदर स्थानीय पुलिस थानों में लगातार काफी मामले दर्ज हो रहे थे. ईडी ने अब कुछ विशेष इनपुट्स को खंगालते हुए मामला दर्ज कर इतनी बड़ी कार्रवाई की है.

ईडी ने साफ कर दिया है कि यह टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी ई-वीजा के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम दे रही थी. वो भारत सरकार के नियम-कानून के मुताबिक रजिस्टर्ड भी नहीं था. यानी बिना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के ही यह कंपनी ई-वीजा लगवाने के नाम पर अब तक कई दर्जन लोगों को खास तौर पर विदेशियों को ठगी का शिकार बना चुका था. ईडी ने इसे फेमा कानून (Foreign Exchange Management Act) के उल्लंघन का मामला बनाया है. इस टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी का दफ्तर दिल्ली के विकासपुरी में स्थित है.

कहां छुपाया गया था तीन करोड़ रूपए की नकदी?



ईडी की टीम ने ई-वीजा लगवाने वाले इस गैंग के बारे में जानकारी मिलते ही मामले की तफ्तीश शुरू कर दी. ईडी ने अपनी कार्रवाई में दिल्ली, गाजियाबाद इलाके के आठ लोकेशन पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान वहां करीब तीन करोड़ 57 लाख रूपए बरामद हुए. इस गैंग में फिलहाल मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर योगेश नाम के शख्स का नाम उभर कर सामने आया है. योगेश दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रहता है, उसके घर से यह तीन करोड़ 57 लाख रूपये बरामद हुए हैं. इन पैसों के बारे में जो जानकारी मिली वो यह कि इन्हें एक छोटे से घर में ड्रम के अंदर, बाल्टी के अंदर, बिस्तर के नीचे सहित कई स्थानों पर छिपा कर रखा गया था.
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प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली-गाजियाबाद में आठ लोकेशन पर रेड कर करोड़ों के इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया (प्रतीकात्मक तस्वीर)


जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक ईडी ने रविशंकर नाम के एक चार्टेड अकाउंटेंट के दफ्तर और आवास पर भी छापेमारी की, जहां से उसे काफी महत्वपूर्ण जानकारियां और दस्तावेजों सहित कई सबूत मिले. इस मामले में मुस्तकीम नाम के आरोपी के यहां भी छापेमारी की गई, जो उत्तम नगर इलाके में रहता है. इसके अलावा गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके स्थित आग्रपाली सोसाइटी में रहने वाले एक अन्य प्रमुख आरोपी के यहां भी छापेमारी की गई, ईडी ने यहां से भी काफी महत्वपूर्ण सबूतों को बरामद किया.

वीजा फर्जीवाड़ा मामले में 200 करोड़ के लेनदेन का मामला

ईडी की टीम ने जब छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया. उसके बाद तफ्तीश करने वाली टीम ने जब कुछ बैंक अकाउंट को विस्तार से खंगाला तो जांचकर्ताओं की आंखें खुली रह गईं, क्योंकि उन्हें इन बैंक एकाउंट से करीब 200 करोड़ रूपए के लेनदेन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई. इस मामले में अन्य कितने और आरोपी हैं, ईडी की टीम विस्तार से तफ्तीश करेगी. ईडी के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में शुरुआती तौर पर वीजा लगवाने वाले कई सरकारी अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं, जिसके खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
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