दिल्ली: कोरोना के डर से परिजनों ने 80 साल के बुजुर्ग को घर पर अकेला छोड़ा, पुलिस वालों ने ऐसे की मदद

मामला राजेंद्र नगर इलाके का है. 80 वर्षीय मुरलीधर इसी राजेंद्र नगर इलाके में रहते हैं. (सांकेतिक फोटो)

मामला राजेंद्र नगर इलाके का है. 80 वर्षीय मुरलीधर इसी राजेंद्र नगर इलाके में रहते हैं. (सांकेतिक फोटो)

राजेंद्र नगर थाने (Rajendra Nagar Police Station) में तैनात कॉन्स्टेबल राजू राम (32) जब बताए गए पते पर पहुंचे, तो घर के बाहर लगा एक पोस्टर देखकर हैरान रह गए.

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  • Last Updated: April 19, 2021, 11:54 AM IST
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नई दिल्ली. देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां पर कोरोना (Corona) के डर से एक बुजुर्ग को उसके परिवार वालों ने अकेला छोड़ दिया. ऐसे में काफी दिनों से बीमार चल रहे बुजुर्ग में अपने घर के बाहर एक पोस्टर चस्पा कर दिया, जिसपर लिखा था कि यदि मेरी मौत हो जाती है तो लाश को पुलिस (Police) को सौंप देना. लेकिन जैसे ही पड़ोसियों की नजर इस पोस्टर पर पड़ी तो स्थानीय थाना पुलिस में सूचना दी गई. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया.

जानकारी के मुताबिक, मामला ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके का है. 80 वर्षीय मुरलीधर इसी राजेंद्र नगर इलाके में रहते हैं. रविवार सुबह 11 बजे मुरलीधर की बेटी ने पीसीआर पर कॉल करके बताया कि उसके पिता को पिछले कुछ दिनों से बुखार है. इसके अलावा भी उन्हें अन्य कई बीमारियां हैं. लेकिन साथ ही साथ बेटी ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे लगता है कि उसके पिता को कोरोना हो गया है. इसी वजह से वह उनके पास नहीं जाना चाहती है. ऐसे में पुलिस ने बुजुर्ज की मदद करने को ठान ली.

 कॉल करके उनके बारे में सूचना दी थी

राजेंद्र नगर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल राजू राम (32) जब बताए गए पते पर पहुंचे, तो घर के बाहर लगा एक पोस्टर देखकर हैरान रह गए. उस पोस्टर लिख रखा था कि अगर उनकी मौत हो जाए, तो उनकी लाश पुलिस के सुपुर्द कर दी जाए. जांच में पता चला कि मुरलीधर सीआईडी ऑफिसर रह चुके हैं. वे इस घर के थर्ड फ्लोर रहते हैं. उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी हैं. उनमें से दो बेटियां दिल्ली में और एक बाहर रहती हैं. कालकाजी में रहने वाली उनकी बेटी ने पुलिस को कॉल करके उनके बारे में बताया था.
इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया

फिर, मौके पर पहुंचे कॉन्स्टेबल राजू राम ने अपने साथी कॉन्स्टेबल प्रदीप को फोन करके बुलाया. इसके बाद दोनों पुलिसवाले पीपीई किट पहनकर ऊपर गए. काफी समझाने के बाद मुरलीधर अस्पताल जाने के लिए राजी हुए. इसके बाद कॉन्स्टेबल राजू ने दोबारा से एंबुलेंस बुलाई और उन्हें आरएमएल हॉस्पिटल में भर्ती कराया. फिर कॉन्स्टेबल ने मुरलीधर को खाना और दूध या जूस पिलाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं खाया. केवल उन्होंने पानी मांगकर पिया. इस बीच डॉक्टरों ने उनके चेस्ट का एक्स-रे किया, जिसमें काफी इन्फेक्शन पाया गया. उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम था. जिसके बाद डॉक्टरों ने मुरलीधर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया.
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