किसान आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा का दिल्ली पुलिस पर आरोप- टिकरी बॉर्डर खाली करने के लिए लगाए पोस्टर

नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर किसान बीते 91 दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं (फाइल फोटो)

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के पोस्टर लगाने के आरोपों को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने खारिज करते हुए कहा कि हमने कोई नोटिस नहीं दिया है. आउटर डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी सुधांशु धामा ने साफ किया कि ऐसा किसी भी तरह का कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. एक-दो बैनर लगे हुए हैं, जो पहले से ही बॉर्डर के आसपास प्रिकॉशनरी लगाए गए हैं

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नई दिल्ली. लगभग तीन महीने से दिल्ली की सीमाओं (Delhi Border) पर किसान आंदोलन (Farmers Agitation) का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसने टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) खाली करने के लिए पोस्टर लगाए हैं. इस पोस्टर में लिखा है, 'आपका मजमा, मजमा खिलाफ ए कानून करार दिया जाता है. आपको आगाह किया जाता है कि आप अपने मजमे को तितर-बितर कर लें वरना आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.' दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने संयुक्त किसान मोर्चा के आरोपों पर दलील दी है कि हमने कोई नोटिस नहीं लगाया है, एहतियातन पहले से धरनास्थल पर बैनर लगे हैं.

संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें किसानों को धरनास्थल खाली करने की चेतावनी दी गयी है. इस तरह के पोस्टर अप्रांसगिक हैं. जहां किसान अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए शांतमयी प्रदर्शन कर रहे हैं. हम पुलिस के इस कदम का विरोध करते हैं और किसानों से अपील करते हैं कि वो अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखें. इस तरह की धमकियों और चेतावनी से किसान आंदोलन को खत्म करने की साजिश का सख्त विरोध किया जाएगा, और इससे किसान संघर्ष ओर मजबूत होगा. संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेता मंजीत राय ने कहा कि पुलिस ने पोस्टर लगाए हैं और लिखा है- उठ जाएं. हम तो बैठे नहीं थे यहां. सरकार ने हमारा रास्ता रोक रखा है, हम तो आगे जा रहे थे. जब तक हमारी मांगें नहीं माने जातीं हम यही बैठे रहेंगे. हम इसकी निंदा करते हैं.

दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर हिंदी और पंजाबी भाषा में लगा पोस्टर


दिल्ली पुलिस ने संयुक्त किसान मोर्चा के लगाए आरोपों को खारिज किया

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के पोस्टर लगाने के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज करते हुए कहा कि हमने कोई नोटिस नहीं दिया है. आउटर डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी सुधांशु धामा ने साफ किया कि ऐसा किसी भी तरह का कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. एक-दो बैनर लगे हुए हैं, जो पहले से ही बॉर्डर के आसपास प्रिकॉशनरी (एहतियातन) लगाए गए हैं.



बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर आंदोलनकारी किसान बीते 91 दिन से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें अधिकतर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान हैं. किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार अविलंब तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे. सरकार और 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन मुद्दे का कोई समाधान नहीं निकल सका.

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