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Delhi Fire: फायरमैन राजेश शुक्ला ने जान पर खेलकर फैक्ट्री में फंसे 11 लोगों की जान बचाई

News18Hindi
Updated: December 8, 2019, 5:12 PM IST
Delhi Fire: फायरमैन राजेश शुक्ला ने जान पर खेलकर फैक्ट्री में फंसे 11 लोगों की जान बचाई
अस्पताल में राजेश शुक्ला से मिलते दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन.

दिल्ली अग्निशमन विभाग ( Delhi Fire Service) के कर्मचारी राजेश शुक्ला (Rajesh Shukla) ने अपनी जान पर खेलकर 11 लोगों को जिंदा जलने से बचा लिया.

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  • Last Updated: December 8, 2019, 5:12 PM IST
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नई दिल्ली. झांसी की रानी रोड स्थित अनाज मंडी (Anaj Mandi) इलाके में लगी भीषण आग में धधकती इमारत में प्रवेश करने वाले दिल्ली फायर सर्विस के पहले दमकलकर्मियों में से एक, राजेश शुक्ला (Rajesh Shukla) ने रविवार को 11 लोगों को जिंदा जलने से बचा लिया. बचाव अभियान के दौरान उनके पैर में चोट लग गई और फिलहाल एलएनजेपी अस्पताल उनका इलाज चल रहा है.


 

दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने राजेश शुक्ला से अस्पताल में मुलाकात की
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने राजेश शुक्ला से अस्पताल में मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'फायरमैन राजेश शुक्ला एक सच्चे नायक हैं. वह पहले फायरमैन थे जिन्होंने आग से धधक रही इमारत में प्रवेश किया और 11 लोगों की जान बचाई. उन्होंने अपनी हड्डी की चोटों के बावजूद 11 लोगों की जान बचाई. इस बहादुर नायक को सलाम.'

दिल्ली पुलिस ने बताया कि उत्तरी दिल्ली की अनाज मंडी में स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लग गई, जिसमें 43 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

फैक्ट्री में लगी थीं 12 से 15 मशीनें
बताया जा रहा है कि, जिस चार मंजिला इमारत में आग लगी है, वह यामीन नाम के शख्‍स की है. उसने बिल्डिंग को किराए पर दिया था. इसी बिल्डिंग में फैक्ट्री बनी हुई है. इसमें प्लास्टिक से बैग बनाने का काम किया जाता था. इस फैक्ट्री में 12 से 15 मशीनें लगी थीं. सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री में काम करने के बाद सभी मजदूर वहीं पर सो जाते थे. इमारत से बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ता है.

सो रहे लोग, जान बचाने के लिए भाग भी नहीं सके
बताया जा रहा है कि, शॉर्ट सर्किट की वजह से दूसरी मंजिल के मुख्य दरवाजे के पास आग लगी थी. जिस समय आग लगी, उस वक्त मुख्य दरवाजे का शटर बंद था और लोग अंदर सो रहे थे. ऐसे में सो रहे लोग जान बचाने के लिए भाग भी नहीं सके. दम घुटने से 43 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए. मौके पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने पीछे की खिड़की का जाल काटकर लोगों को रेस्क्यू किया. फैक्ट्री में एक ही गांव के लगभग 30 लोग काम करने के बाद सो रहे थे.

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First published: December 8, 2019, 4:05 PM IST
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