इन 10 ब्यूरोक्रेट्स को सौंपी COVID अस्पताल मैनेजमेंट की कमान, जानिए क्या होगी इनकी जिम्मेदारी?

दिल्ली सरकार ने अपने 11 बड़े सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 मैनेजमेंट को लेकर 10 नोडल ऑफिसर्स की नियुक्ति की है.

दिल्ली सरकार ने अपने 11 बड़े सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 मैनेजमेंट को लेकर 10 नोडल ऑफिसर्स की नियुक्ति की है.

Covid-19 in Delhi: दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 11 सरकारी अस्पतालों में 10 सीनियर आईएएस (IAS) को नोडल ऑफिसर्स नियुक्त किया गया है. अब यह नोडल अफसर (Nodal Officer) अस्पतालों में पूरी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे. इन सभी का ऑफिस भी अस्पताल में ही होगा और मूल ऑफिस का स्टाफ अटैच रहेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 4:42 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में हर रोज बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Government) अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है. ऐसे में सरकार की ओर से शुक्रवार को एक और बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्ली सरकार ने अपने 11 बड़े सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 मैनेजमेंट को लेकर 10 नोडल ऑफिसर्स की नियुक्ति की है.

दिल्ली के मुख्य सचिव (Chief Secretary) विजय कुमार देव (Vijay Kumar Dev) के आदेशों पर इन अस्पतालों में नियुक्त किए गए सभी 10 नोडल ऑफिसर्स सीनियर आईएएस (IAS) हैं. अब यह नोडल अफसर (Nodal Officer) अस्पतालों में पूरी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे.

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव IAS अमित सिंगला (IAS Amit Singla) की ओर से इस संबंध में शुक्रवार को एक आदेश जारी कर दिया गया है. इस आदेश में इन सभी 10 सीनियर आईएएस अफसरों को नोडल ऑफिसर नियुक्त करते हुए अस्पतालों में अपना ऑफिस संभालने के आदेश भी दिए हैं.

IAS के साथ अटैच स्टाफ ही अस्पताल में रहेगा
सचिव की ओर से इन सभी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि अस्पताल में ही वह बैठेंगे और उन सभी स्टाफ को अपने साथ लगाएंगे जो उनके मूल कार्यालय में तैनात हैं यानी इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि जो भी नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं उनकी सहायता के लिए उनके विभाग में पहले से कार्यरत पूरा स्टाफ उनके साथ अटैच होगा.

MS/MD को निर्णय लेने में इनकी सहमति लेना होगा आवश्यक

साथ ही आदेशों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन अस्पतालों के नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, उन सभी से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा निदेशक और निदेशक को कोविड-19 मैनेजमेंट के तहत लिए जा रहे संबंधित निर्णय पर सहमति प्राप्त करना जरूरी होगा. यह सभी नोडल ऑफिसर अस्पतालों की सामान्य देखरेख से लेकर निर्देश देने और पूरे फंक्शन को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी निभाएंगे.



टेलीफोन लाइन/कॉल सेंटर व शिकायत संबंधी सेंटर दुरुस्त रखने के आदेश

स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी किए गए आदेशों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भी नोडल ऑफिसर्स अस्पतालों में नियुक्त किए गए हैं, वह अपना नाम और फोन नंबर अहम जगह पर प्रदर्शित करेंगे. साथ ही इस जिम्मेदारी को भी पूरी दक्षता और अच्छे तरीके से निभाएंगे कि अस्पतालों के टेलीफोन लाइन और कॉल सेंटर व शिकायत संबंधी सेंटर आदि पूरी तरीके से व्यवस्थित हो.

उन्होंने सभी नोडल ऑफिसर्स को यह भी निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करें कि अस्पताल से संबंधित शिकायतों का निपटारा और व्यवस्था पूरी तरीके से दुरुस्त रहे.

इन 10 अस्पतालों में इन आईएएस को दी गई नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य सचिव की ओर से जिन अस्पतालों में नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं उनमें आईएएस अधिकारी अरवा गोपी कृष्णा को लोकनायक अस्पताल, GTB अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आईएएस विक्रम मलिक,  दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में आईएएस डॉ सोनल स्वरूप, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में आईएएस सत्येंद्र दरसावट, दीपचंद अस्पताल में आईएएस अवनीश कुमार, अंबेडकरनगर अस्पताल में आईएएस हिमांशु गुप्ता, संजय गांधी अस्पताल में आईएएस आर. मेनका, बुराड़ी अस्पताल में आईएएस रमेश वर्मा, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में आईएस राहुल सिंह और आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल में आईएएस भूपेश चौधरी को बतौर नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है.
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