COVID 19: सीनियर/जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को 6 माह का एक्सटेंशन, कोविड अस्पतालों में लगेगी ड्यूटी

अस्पतालों में डॉक्टर्स के साथ-साथ मेन पावर को बढ़ाने की भी ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही है.

अस्पतालों में डॉक्टर्स के साथ-साथ मेन पावर को बढ़ाने की भी ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही है.

कोविड अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने और मैन पावर को पूरा करने के लिए आदेश जारी किये है. 31 मार्च 2021 को जिन सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स की सेवा अवधि समाप्त हो गई थी या होने वाली है, उन सभी को अब 6 माह का ‌सेवा विस्तार दिया जा रहा है. अन्य आदेश में 4 साल और 5 साल वाले एमबीबीएस छात्रों, इंटर्न और बीडीएस डॉक्टरों को भी ड्यूटी में लगाने के आदेश दिए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 9:32 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना का कहर हर रोज बढ़ रहा है. नए मरीजों के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ने लगा है. वहीं, बेड्स की जरूरत भी अब ज्यादा होने लगी है. इसके चलते अस्पतालों में डॉक्टर्स के साथ-साथ मेन पावर को बढ़ाने की भी ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही है.

इसको लेकर दिल्ली सरकार की ओर से शनिवार को कई अलग-अलग आदेश जारी किए गए. इन आदेशों में दिल्ली सरकार के सभी डेडीकेटेड कोविड अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर को बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं. वहीं अस्पतालों में और ज्यादा मैन पावर बढ़ाने का आदेश भी दिया गया है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) की ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए गए थे. स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी मामलों को लेकर अब आदेश जारी कर दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी की ओर से एक आदेश सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट को लेकर जारी किया गया है.

विभाग ने इन अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने के लिए और मेन पावर को पूरा करने के लिए जारी किया है. आदेशाें में कहा है कि 31 मार्च 2021 को जिन सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स की सेवा अवधि समाप्त हो गई थी उसको अब 6 माह के लिए और बढ़ाया जाए. वहीं, उन सभी SRs/JRs डॉक्टर का भी अगले 6 माह के लिए अवधि बढ़ाई जा रही है जिन की अवधि समाप्त होने वाली है.
इसके अलावा रेजीडेंसी सेवा अवधि को पूरा कर चुके डॉक्टर्स को भी सैंक्शन पोस्ट की जगह पर भर्ती किया जाए. यह सभी भारत सरकार (Government of India) के नियमों के तहत किए जाने के आदेश दिए गए हैं. स्पेशल सेक्रेटरी की ओर से इस सभी के लिए मेडिकल इंस्टीट्यूट को इस अवधि को एक्सटेंड करने के लिए अधिकृत किया गया है जिससे कि मेडिकल स्टॉफ की कमी को पूरा किया जा सके.

इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टॉफ की कमी को पूरा करने के लिए डेडीकेटेड कोविड अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए एक अन्य आदेश भी निकाला है. इसके तहत 4 साल और 5 साल वाले एमबीबीएस के छात्रों, इंटर्न और बीडीएस डॉक्टरों को भी ड्यूटी में लगाने के आदेश दिए गए हैं.

इस संबंध में सभी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर्स, मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स और डायरेक्टर्स को इन आदेशों का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं. वहीं, एक आदेश में सभी मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी ( CDMO), मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स, डायरेक्टर्स आदि को यह आदेश दिए गए हैं कि जिन कोविड पेशेंट्स को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है या किए गए हैं, उनको ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए जाएं.



बताते चलें कि इस तरह के फैसले दिल्ली सरकार की ओर से ऐसे समय में लिए जा रहे हैं जब कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. संसाधनों और मैन पावर की कमी ना हो, इसके पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं.

इस बीच देखा जाए तो शनिवार तक दिल्ली में एक्टिव मामलों की संख्या 28,773 हो चुकी है. वहीं, 11235 लोगों की जान जा चुकी है. होम आइसोलेशन में मरीजों की बड़ी संख्या 15,266 रिकॉर्ड की गई है. कोरोना मरीजों का पॉजिटिविटी रेट भी दिल्ली में बढ़कर 10.21 फीसदी हो गया है. इसको लेकर दिल्ली सरकार काफी सख्ते में आ गई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज