बेघरों का डाटा जुटाने में जुटी दिल्ली सरकार, इसके आधार पर तैयार होगी दिव्यांगों की मदद को योजना!

दिल्ली में बेघरों का सर्वेक्षण समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है.

दिल्ली में बेघरों का सर्वेक्षण समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है.

समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक ने बोर्ड को बताया कि दिल्ली में बेघरों का सर्वेक्षण समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है. बेघरों में दिव्यांग व्यक्तियों के आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं. सर्वेक्षण के परिणाम दिव्यांगों के पुनर्वास और कौशल विकास के संबंध में अपनी सिफारिशों को दिव्यांगता पर राज्य सलाहकार बोर्ड को प्रस्तुत किए जाएंगे.

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नई दिल्ली. दिल्ली में दिव्यांगों के पुनर्वास और उनके कौशल विकास को लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Government) बड़ी योजना तैयार कर रही है. लेकिन इससे पहले सरकार राजधानी में रह रहे बेघरों का सर्वेक्षण कर डाटा एकत्र करना चाहती है. सरकार को उम्मीद है कि इन बेघरों के डाटा एकत्र होने से दिव्यांग व्यक्तियों (differently-abled) के आंकड़े भी एकत्रित हो सकेंगे.

वहीं, दिल्ली सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के वास्तविक संख्या और जरूरतों का आकलन करने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करने की भी जरूरत महसूस की है. साथ ही उन सभी संस्थाओं और बिल्डिंग का तत्काल ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं. यह ऑडिट मई 2021 के पहले सप्ताह में राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा.

समाज कल्याण (Social Welfare) मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gauatam) ने दिव्यांगता पर राज्य सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता की और सभी नए सदस्यों को बधाई दी.

गौतम ने कहा कि राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटी एक्ट 2016 के अंतर्गत इस बोर्ड को सरकार के कामकाज का सुझाव देने और उनकी देखरेख करने का अधिकार दिया गया है, ताकि संसाधनों का उपयोग लाभार्थियों के सर्वोत्तम हित में किया जा सके.
उन्होंने कहा कि यह बोर्ड एक राज्य स्तरीय परामर्शदात्री और सलाहकार निकाय है, जो दिव्यांगता पर विभिन्न नीतियों के निरंतर विकास का मूल्यांकन करने में मदद करता है.

इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा बोर्ड के सभी सदस्यों और विभिन्न हितधारकों को एक प्रजेंटेशन दिया गया, ताकि वे अपने अधिकारों, कार्यों और कर्तव्यों को बेहतर तरीके से समझ सकें. सदस्यों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों पर चर्चा की.

समाज कल्याण मंत्री ने समाज के अलग-अलग दिव्यांग सदस्यों के अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया. समाज कल्याण मंत्री ने दिव्यांगों के लिए उपकरणों और उसके लिए विधायक निधि (एमएलए एलएडी) से धनराशि के उपयोग के संबंध में दिए गए सुझावों पर विधायक बालक योजना में इस तरह के क्लाॅज को शामिल करने के लिए इसे संबंधित मंत्री को भेजने पर सहमति व्यक्त की.



समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों की वास्तविक संख्या और जरूरतों का आंकलन करने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण किया जाना चाहिए. उन्होंने सभी संस्थाओं और बिल्डिंग का तत्काल ऑडिट कराने का निर्देश दिया. यह ऑडिट मई 2021 के पहले सप्ताह में बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाना है.

मंत्री राजेंद्र प्रसाद गौतम ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि हालांकि नियमानुसार बोर्ड की एक वर्ष में कम से कम दो बैठकें अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए, लेकिन जब भी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कार्यक्रमों का मूल्यांकन और निगरानी करने की आवश्यकता होती है, तब बोर्ड को इससे अधिक बार बैठकें करनी चाहिए.

समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक ने बोर्ड को बताया कि दिल्ली में बेघरों का सर्वेक्षण समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है. बेघरों में दिव्यांग व्यक्तियों के आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं. सर्वेक्षण के परिणाम दिव्यांगों के पुनर्वास और कौशल विकास के संबंध में अपनी सिफारिशों को दिव्यांगता पर राज्य सलाहकार बोर्ड को प्रस्तुत किए जाएंगे.

गौतम ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों से अपेक्षा है कि वे आजीविका, शिक्षा, बाधा मुक्त बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और दिव्यांगों के पुनर्वास के क्षेत्रों में विभाग को सुझाव दें.
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