दिल्ली सरकार का Corona को लेकर नया आदेश- अस्पताल के मेन गेट पर 12x10 का बोर्ड लटकाएं और लिखें ये बात

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के लिए एक और नया आदेश जारी किया है. (फ़ाइल तस्वीर)
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के लिए एक और नया आदेश जारी किया है. (फ़ाइल तस्वीर)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने आदेश जारी किया है कि दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों (Hospitals) को मेन गेट पर 12x10 साइज का बोर्ड लटकाएं जाएं और बोर्ड में बेड की स्थिति सहित कई और जानकारी उपलब्ध कराएं.

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नई दिल्ली. केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों (Hospitals) के लिए एक और नया आदेश जारी किया है. इस आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के सरकारी और गैरसरकारी अस्पतालों में बेड की स्थिति क्या है, इसकी जानकारी आम जनता को सीधा उपलब्ध हो. दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को दिल्ली सरकार का निर्देश है कि वे अस्पताल के मेन गेट पर 12x10 साइज का बोर्ड लटकाएं और बोर्ड में बेड की स्थिति सहित कई और जानकारी उपलब्ध कराएं.

दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी अस्पतालों के लिए एक और आदेश
दिल्ली सरकार के आदेश के मुताबिक बोर्ड पर जानकारी दी जाए, 'इस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं. यह जानने के लिए Delhi Corona App और www.delhifightscorona.com पर जानकारी ले सकते हैं' साथ ही बोर्ड पर लिखें कि बेड खाली होने पर भी अस्पताल मना करे तो 1031 शिकायत करें. बोर्ड पर लोगों को जानकारी दी जाए कि हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर रहकर ठीक हो सकते हैं. अस्पताल में केवल गंभीर मरीज ही आएं.

बोर्ड पर अस्पताल जानकारी दें कि अगर मरीज को गंभीर लक्षण है और टेस्ट नहीं हुआ है या रिपोर्ट नहीं आई है तो कोई भी अस्पताल मरीज को भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकता. अगर अस्पताल मना करता है तो 1031 पर शिकायत करें.
एलजी ने पलटा था फैसला


बता दें कि दो दिन पहले ही राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (LG Anil Baijal) ने मुख्‍यंमत्री अरविंद केजरीवाल के उस फैसले को एक दिन बाद ही पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों का ही इलाज होगा.

वर्मा कमेटी की सिफारिश के बाद लिया था फैसला
वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कहा था कि यह फैसला वर्मा कमिटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया था.  इस दौरान उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुविधाओं पर सलाह देने के लिए उनकी सरकार ने एक कमेटी गठित की थी. उन्‍होंने बताया कि कमेटी ने जून के अंत तक 15,000 बेड उपलब्‍ध कराने की सिफारिश की है. इसके अलावा वर्मा कमेटी ने दिल्‍ली के अस्‍पतालों के बेड को दिल्‍ली के निवासियों के लिए सुरक्षित करने की भी सिफारिश की है.

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