अब ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे निजी स्‍कूल, दिल्‍ली सरकार ने लगाई अतिरिक्‍त शुल्‍क पर रोक
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अब ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे निजी स्‍कूल, दिल्‍ली सरकार ने लगाई अतिरिक्‍त शुल्‍क पर रोक
दिल्ली सरकार (Delhi Government) के आदेश का उल्‍लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ  शिक्षा अधिनियम 1973 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के आदेश का उल्‍लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ  शिक्षा अधिनियम 1973 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 9:06 PM IST
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नई दिल्‍ली. हाल ही में कोविड-19 की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री  मनीष सिसोदिया के अधीन आने वाले शिक्षा विभाग ने निजी-सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 की अवधि के दौरान केवल ट्यूशन फीस ही लें. कोई भी स्‍कूल किसी अन्य मद के तहत कोई शुल्‍क नहीं लेगा. हालांकि, यह भी निर्देश दिया है कि लॉकडाउन की समाप्ति के बाद मासिक आधार पर वार्षिक और विकास शुल्क आनुपातिक रूप से वसूला जा सकता है. इससे पहले 17 अप्रैल और 18 अप्रैल को दिल्ली सरकार ने निर्देश दिया था, अब दिल्ली सरकार के ताजा आदेश से निजी स्कूलों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.

लॉकडाउन अवधि के दौरान माता-पिता को सभी निजी-सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त स्कूलों को ट्यूशन फीस के अलावा कोई शुल्क नहीं देना है. वार्षिक और विकास शुल्क माता-पिता से लिया जा सकता है, वह लॉकडाउन की अवधि पूरी होने के बाद केवल मासिक आधार पर ले सकते हैं . स्कूल खुलने के दौरान अभिभावकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. जैसे कि परिवहन शुल्क आदि माता-पिता से शुल्क नहीं लिया जाएगा. किसी भी स्थिति में, स्कूल माता-पिता या छात्रों से परिवहन शुल्क की मांग नहीं करेंगे. इसका मतलब है कि फीस केवल मासिक आधार पर एकत्र की जाएगी. शिक्षा विभाग से निजी स्कूल को यह आदेश दे दिए गए हैं.

आदेश में आगे निर्देश दिया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में किसी भी शुल्क को बढ़ाया नहीं जाएगा, किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले निदेशक शिक्षा की मंजूरी लेनी होगी. वहीं, डीडीए की भूमि पर चल रहे स्कूल उपर्युक्त शुल्क को निदेशक शिक्षा द्वारा अनुमोदित अंतिम शुल्क संरचना के आधार पर एकत्र करेंगे. स्कूल बिना किसी भेदभाव के सभी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा सामग्री या कक्षाएं प्रदान करेंगे. स्कूलों को शिक्षण सामग्री तक ऑनलाइन पहुंच के लिए आईडी और पासवर्ड प्रदान करना होगा.



आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है, कि स्कूलों के प्रिंसिपल किसी भी स्थिति में उन छात्रों के माता-पिता को आईडी और पासवर्ड से वंचित नहीं करेंगे जो वित्तीय संकट के कारण स्कूल शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ हैं.  स्कूलों या स्कूलों के प्रमुखों की प्रबंध समिति शुल्क का कोई नया प्रमुख बनाकर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डालेगी. स्कूल न तो फंड की अनुपलब्धता के नाम पर स्कूल के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कुल वेतन को कम करने के लिए मासिक वेतन का भुगतान रोक सकेंगे और न ही समाज या ट्रस्ट चलाने से किसी कमी के मामले में धन की व्यवस्था करेंगे.
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