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सरकारी स्कूल निर्माण जमीन आवंटन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को दिया हैरान करने वाला आदेश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल निर्माण के लिए जमीन आवंटन मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण को यह आदेश दिया है

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल निर्माण के लिए जमीन आवंटन मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण को यह आदेश दिया है

सरकारी स्कूल (Government School) के लिए जमीन आवंटित करने की जानकारी पर जस्टिस नज्मी वजीरी की बेंच ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को कहा है कि निर्माण कार्य शुरू होने पर एडवोकेट अशोक अग्रवाल को नींव का पत्थर रखने के लिए आमंत्रित करें

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नई दिल्ली. दिल्ली के किराड़ी स्थित प्रेम नगर में नए सरकारी स्कूल (Government School) के निर्माण के लिए जमीन नहीं आवंटित करने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बेहद दिलचस्प आदेश दिया है. स्कूल के लिए जमीन आवंटित करने की जानकारी पर जस्टिस नज्मी वजीरी की बेंच ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को कहा है कि निर्माण कार्य शुरू होने पर एडवोकेट अशोक अग्रवाल को नींव का पत्थर रखने के लिए आमंत्रित करें.

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान डीडीए ने बेंच को बताया कि स्कूल के निर्माण के लिए 26 फरवरी को भूमि आवंटित कर दिया गया है. बेंच ने इस पर दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि तीन महीने के अंदर स्कूल बनाने का काम शुरू किया जाए. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि वो एडवोकेट अशोक अग्रवाल से नींव का पत्थर रखवाए. वहीं मामले में पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने भूमि आवंटित नहीं करने पर डीडीए के उपाध्यक्ष की खिंचाई करते हुए पूछा था कि आखिर कोर्ट के आदेश के बावजूद भी स्कूल के लिए अभी तक जमीन क्यों नहीं आवंटित की गई. अदालत ने कहा था कि आखिर स्कूल के लिए जमीन आवंटित करने में समस्या क्या है.

अदालत के आदेश के बावजूद स्कूल के निर्माण के लिए जमीन आवंटन नहीं 



बेंच ने डीडीए को स्कूल के लिए जमीन आवंटित करने का आदेश दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने अदालत के आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. सरकारी स्कूल के निर्माण के लिए डीडीए को शिक्षा निदेशालय को जमीन आवंटित करना था लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद भी जमीन आवंटन नहीं की गई. भूमि आवंटित नहीं होने पर गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'हमारा प्रयास' ने डीडीए और शिक्षा निदेशालय के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की थी.
एनजीओ की तरफ से वकील अशोक अग्रवाल ने दलील दी कि अदालत के आदेश के 15 महीने बाद भी अब तक डीडीए और शिक्षा निदेशालय ने स्कूल के निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया. वहीं मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने डीडीए उपाध्यक्ष और शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश पर जानबूझकर कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया. एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने बेंच को बताया कि प्रेम नगर में कोई भी सरकारी स्कूल नहीं है. ऐसे में हजारों बच्चों को रेलवे लाइन पार कर के दूर-दराज इलाके के स्कूलों में जाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि आसपास कोई स्कूल नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल से वंचित हैं. इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने सितंबर 2019 में डीडीए और शिक्षा निदेशालय को नया सरकारी स्कूल खोलने का आदेश दिया था.
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